दिल्ली में 70 स्थानों पर यमुना स्वच्छता अभियान
दिल्ली सरकार के ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत रविवार को राजधानी में यमुना नदी के किनारे 70 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, युवा समूहों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों सहित हजारों लोगों ने भाग लिया। अभियान के दौरान नदी किनारे फैले कचरे को इकट्ठा किया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनकी सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के समापन से भी जुड़ा रहा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ घाट पर लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटीओ स्थित हाथी घाट पर स्वच्छता अभियान में भाग लिया, जबकि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने गांधी नगर घाट पर अभियान का नेतृत्व किया। प्रतिभागियों ने नदी किनारे से पूजा में इस्तेमाल किए गए कपड़े, क्षतिग्रस्त मूर्तियां, धार्मिक सामग्री, प्लास्टिक रैपर और अन्य कचरा हटाया। अभियान का उद्देश्य लोगों को यमुना की सफाई और नदी में कचरा न डालने के प्रति जागरूक करना रहा।
लोगों से ‘यमुना प्रहरी’ बनने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से स्वच्छता को केवल किसी विशेष अभियान तक सीमित न रखने और इसे रोजमर्रा की आदत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ रखना सरकार और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। सरकार की ओर से नदी में प्रदूषण कम करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, विकेंद्रीकृत जल उपचार सुविधाओं और यमुना में गिरने वाले नालों से गाद निकालने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से धार्मिक प्रसाद, प्लास्टिक और अन्य कचरा नदी या उसके किनारों पर न डालने का आग्रह किया।
हर महीने के पहले रविवार को ‘यमुना दिवस’ मनाने का आह्वान
हर्ष मल्होत्रा ने लोगों से एक दिन के अभियान के बाद भी सफाई का प्रयास जारी रखने की अपील की। उन्होंने धार्मिक प्रसाद के निपटान के लिए निर्धारित संग्रह केंद्रों का इस्तेमाल करने और हर महीने के पहले रविवार को ‘यमुना दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने 2030 तक यमुना को स्नान योग्य बनाने का लक्ष्य भी रखा। उनके अनुसार, नदी की सफाई के लिए सरकारी योजनाओं के साथ लोगों की निरंतर भागीदारी भी जरूरी है।
महिलाओं और स्थानीय संगठनों की भूमिका पर जोर
सोनिया विहार में अभियान में शामिल भाजपा की सह-प्रभारी दर्शना जरदोश ने कहा कि घरेलू कचरे के निपटान की आदतों में बदलाव लाने में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अभियान में निजामुद्दीन, कालिंदी कुंज, सिग्नेचर ब्रिज और ओल्ड रेलवे ब्रिज सहित कई घाटों पर जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें सांसद, दिल्ली सरकार के मंत्री, विधायक, पार्षद और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल रहे।
यमुना की सफाई के लिए लगातार प्रयास की जरूरत
अभियान के आयोजकों ने जोर दिया कि नदी की सफाई केवल प्रतीकात्मक गतिविधि बनकर नहीं रहनी चाहिए। कचरे का उचित निपटान, सीवेज का उपचार और नागरिकों की नियमित भागीदारी यमुना में प्रदूषण कम करने के महत्वपूर्ण पहलू हैं। नदी को साफ रखने के लिए सरकारी योजनाओं के साथ स्थानीय समुदायों, आवासीय संगठनों और आम नागरिकों को भी लगातार सहयोग करना होगा।
स्पेशल अपडेट: 2030 तक यमुना को स्नान योग्य बनाने का लक्ष्य
दिल्ली में 70 स्थानों पर आयोजित स्वच्छता अभियान के जरिए यमुना की सफाई को जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश की गई। मासिक ‘यमुना दिवस’ मनाने का आह्वान और 2030 तक नदी को स्नान योग्य बनाने का लक्ष्य इस पहल के प्रमुख संदेश रहे। हालांकि, लक्ष्य हासिल करने की प्रगति प्रदूषण नियंत्रण, सीवेज उपचार और नियमित निगरानी जैसे उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।







