थाईलैंड जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए 15 सितंबर 2026 से वीजा-मुक्त यात्रा के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। भारतीय नागरिक पहले की तरह बिना वीजा थाईलैंड की यात्रा कर सकेंगे, लेकिन वहां रुकने की अधिकतम अवधि 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी। यानी वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा समाप्त नहीं हो रही है, बल्कि बिना वीजा रहने की समय-सीमा आधी की जा रही है। यह बदलाव भारत समेत करीब 60 देशों के यात्रियों पर लागू किया जा रहा है। लंबे समय तक थाईलैंड में रहने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों को नए नियमों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
वीजा-फ्री सुविधा रहेगी जारी
नए नियम को लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम सामने आया कि भारतीयों के लिए थाईलैंड की वीजा-फ्री सुविधा पूरी तरह खत्म की जा रही है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं है। भारतीय पासपोर्ट धारक अब भी निर्धारित शर्तों के तहत बिना वीजा थाईलैंड में प्रवेश कर सकेंगे। बदलाव सिर्फ स्टे की अवधि को लेकर किया गया है। 15 सितंबर के बाद प्रवेश करने वाले यात्रियों को अधिकतम 30 दिनों तक बिना वीजा रहने की अनुमति मिलेगी। इसलिए छोटी अवधि की छुट्टियों या सामान्य पर्यटन के लिए थाईलैंड जाने वाले भारतीयों पर इस बदलाव का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
60 दिन की जगह अब 30 दिन का स्टे
मौजूदा व्यवस्था के तहत भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड में वीजा-फ्री प्रवेश के बाद 60 दिनों तक रहने की अनुमति मिलती थी। नए नियम लागू होने के बाद यह अवधि घटकर 30 दिन रह जाएगी। इसका मतलब है कि 15 सितंबर 2026 या उसके बाद थाईलैंड पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों को अपनी यात्रा 30 दिनों की निर्धारित सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। यदि कोई यात्री इससे अधिक समय तक रुकना चाहता है तो उसे लागू वीजा या अन्य वैध इमिग्रेशन विकल्पों की जानकारी पहले से लेनी होगी। यात्रा की तारीख और स्टे की अवधि तय करते समय नए नियमों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।






