मध्य प्रदेश में करीब दो दशक से कमजोर पड़ी राज्य स्तरीय सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था को नए मॉडल के साथ फिर मजबूत करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 सितंबर को इंदौर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत 25 सितंबर 2026 से की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक, भरोसेमंद और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
15 हजार से ज्यादा बसों का नेटवर्क बनाने का लक्ष्य
सरकार ने प्रदेश में सार्वजनिक बस नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब पांच लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है और राज्य में 15 हजार से ज्यादा बसें संचालित करने की क्षमता है। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार मौजूदा करीब 11 हजार परमिट वाली बसों की संख्या को अगले तीन से चार वर्षों में बढ़ाकर करीब 15 हजार तक ले जाने की योजना है। यानी 15 हजार बसें एक साथ नई खरीदने के बजाय परिवहन नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा।
PPP मॉडल पर चलेगी सुगम परिवहन सेवा
नई व्यवस्था में सरकार और निजी क्षेत्र की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना है। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड यानी MPYPIL के माध्यम से व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निजी बस ऑपरेटरों, वाहन निर्माताओं और उद्योग जगत से इस मॉडल में भागीदारी का आह्वान किया है।







