नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की क्षेत्रीय विविधता को खास अंदाज में दुनिया के सामने रखा गया। सम्मेलन में आने वाले पत्रकारों के लिए तैयार किए गए विशेष मीडिया किट में बिहार का पारंपरिक सत्तू और मखाना शामिल किया गया। इसके साथ ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के पारंपरिक हस्तशिल्प को भी जगह दी गई, जिससे भारत के अलग-अलग राज्यों के स्थानीय उत्पादों और संस्कृति की झलक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों तक पहुंची।
लोकल से ग्लोबल की दिखी तस्वीर
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थानीय भारतीय उत्पादों को मीडिया किट का हिस्सा बनाना देश की विविध सांस्कृतिक और खाद्य परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पेश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बिहार का सत्तू और मखाना सिर्फ राज्य की पहचान से जुड़े उत्पाद नहीं हैं, बल्कि देश के पारंपरिक खान-पान और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का भी हिस्सा हैं। वहीं कोरापुट की कॉफी और गुजरात के हस्तशिल्प ने इस किट में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान को एक साथ प्रस्तुत किया।
सत्तू-मखाना को मिली नई पहचान
बिहार के सत्तू और मखाना को BRICS मीडिया किट में शामिल किए जाने के बाद राज्य में इसे स्थानीय उत्पादों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर मखाना बिहार की कृषि और स्थानीय कारोबार से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्पाद है, जबकि सत्तू लंबे समय से बिहार की पारंपरिक खाद्य पहचान का हिस्सा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इन उत्पादों की मौजूदगी से बिहार के स्थानीय स्वाद और उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने की चर्चा तेज हुई है।







