Home सामाजिक OPS Demand Gains Momentum: OPS की बहाली पर कर्मचारियों का नया मोर्चा

OPS Demand Gains Momentum: OPS की बहाली पर कर्मचारियों का नया मोर्चा

सरकारी कर्मचारियों के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS की बहाली की मांग एक बार फिर चर्चा में है। मध्य प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन व्यवस्था को वापस लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। हरियाणा में अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान कर्मचारी संगठनों ने OPS बहाली के लिए जिला स्तर पर संकल्प मार्च और अभियान भी चलाया। इससे साफ है कि OPS का मुद्दा अभी भी कर्मचारी संगठनों के प्रमुख एजेंडे में बना हुआ है।

मध्य प्रदेश में अभी कोई नया OPS फैसला नहीं
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पेंशन विभाग की वेबसाइट पर पेंशन नियमों और NPS से संबंधित जानकारी उपलब्ध है, लेकिन उपलब्ध ताजा आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य सरकार की ओर से सभी नए कर्मचारियों के लिए OPS बहाल करने का कोई नया निर्णय दिखाई नहीं देता। विभाग की वेबसाइट पर 12 सितंबर 2026 तक नियम और NPS से संबंधित सामग्री अपडेट है। इसलिए फिलहाल मध्य प्रदेश में OPS बहाली को सरकारी फैसला बताना सही नहीं होगा।

प्री-2003 रिक्तियों वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी मांग
OPS को लेकर केंद्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण मांग सितंबर में सामने आई है। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी यानी NC-JCM ने सरकार के सामने मांग रखी है कि ऐसे केंद्रीय कर्मचारी भी OPS के दायरे में आएं, जिनकी भर्ती जिन पदों के लिए हुई थी वे रिक्तियां 22 दिसंबर 2003 से पहले स्वीकृत थीं, लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति बाद में हुई। NC-JCM का तर्क है कि OPS की पात्रता तय करते समय नियुक्ति की तारीख के बजाय संबंधित रिक्ति के स्वीकृत होने की तारीख को आधार बनाया जाना चाहिए।