Home सदैव विशेष President ADC Duty: राष्ट्रपति के ADC के निजी जीवन पर अनकही कहानियाँ

President ADC Duty: राष्ट्रपति के ADC के निजी जीवन पर अनकही कहानियाँ

भारत के राष्ट्रपति के Aide-de-Camp यानी ADC का पद बेहद प्रतिष्ठित होने के साथ-साथ अत्यंत जिम्मेदारी वाला भी माना जाता है। राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, यात्राओं, समारोहों और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में ADC की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राष्ट्रपति के पास आमतौर पर पांच ADC होते हैं—तीन सेना से और एक-एक नौसेना तथा वायुसेना से।
हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रह चुके मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने एक पॉडकास्ट में इस भूमिका से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस जिम्मेदारी के दौरान निजी जिंदगी के लिए जगह बेहद सीमित हो जाती है और कई व्यक्तिगत इच्छाओं को पीछे रखना पड़ता है।

 

ADC के कार्यकाल में शादी को लेकर क्या नियम है?
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल के अनुसार, राष्ट्रपति के ADC के रूप में कार्यकाल के दौरान अधिकारी के लिए शादी नहीं करने की शर्त होती है। उन्होंने इसे अपने कार्यकाल में किए गए सबसे बड़े व्यक्तिगत त्यागों में से एक बताया।
इस व्यवस्था के पीछे पद की अत्यधिक जिम्मेदारी और निरंतर उपलब्धता को प्रमुख कारण के तौर पर बताया जाता है। हालांकि, इस संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में विस्तृत आधिकारिक नियम-पुस्तिका सामने नहीं आती है, इसलिए इसे सांब्याल के बताए अनुभव और संबंधित मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में समझना उचित है।

 

24 घंटे सतर्क रहने की जिम्मेदारी
ADC की जिम्मेदारी केवल राष्ट्रपति के साथ औपचारिक कार्यक्रमों में नजर आने तक सीमित नहीं होती। राष्ट्रपति की दिनचर्या, कार्यक्रमों, यात्राओं और विभिन्न आधिकारिक गतिविधियों के दौरान प्रोटोकॉल तथा समन्वय से जुड़े कई कार्यों में ADC की भूमिका रहती है।
देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के साथ काम करने के कारण समय की पाबंदी, अनुशासन और सतर्कता इस भूमिका का अहम हिस्सा बन जाते हैं। किसी भी समय कार्यक्रम या जिम्मेदारी में बदलाव होने पर अधिकारी को उसके अनुरूप तैयार रहना पड़ सकता है।