लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद आज अदालत अपना फैसला सुना सकती है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मल्खान सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई लंबे समय से चल रही थी। विवेक तिवारी की 2018 में पुलिसकर्मी की गोली लगने से मौत हुई थी। मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था और अब 17 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाए जाने की रिपोर्ट है।
2018 की रात हुई थी विवेक की मौत
विवेक तिवारी एप्पल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। 29-30 सितंबर 2018 की रात वह अपनी सहकर्मी के साथ कार से लौट रहे थे। गोमतीनगर विस्तार इलाके में पुलिसकर्मियों ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद हुई घटना में पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी की गोली विवेक तिवारी को लगी और अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई।
SIT ने की थी मामले की जांच
घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी के खिलाफ हत्या से संबंधित मामला चलाया गया, जबकि दूसरे आरोपी संदीप कुमार के खिलाफ भी अलग आरोप लगाए गए। अदालत में मामले से जुड़े गवाहों और विशेषज्ञों के बयान दर्ज किए गए।







