सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कोर्स में प्रवेश की तैयारी कर रहे डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET-SS की क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को मौजूदा 50वें पर्सेंटाइल से घटाकर 30वें पर्सेंटाइल किया जाएगा। यह बदलाव प्रस्तावित स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य काउंसलिंग के बाद खाली बची सुपर स्पेशलिटी सीटों को भरना और उपलब्ध मेडिकल ट्रेनिंग क्षमता का बेहतर उपयोग करना है।
1,857 सुपर स्पेशलिटी सीटें खाली
केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक NEET-SS काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद देशभर में 1,857 सुपर स्पेशलिटी सीटें खाली रह गई थीं। इनमें 1,094 DM/M.Ch. और 763 DNB-SS सीटें शामिल हैं। सरकार ने बताया कि इन सीटों में बड़ी संख्या अत्यधिक विशिष्ट मेडिकल और सर्जिकल विषयों से संबंधित है। इन्हीं खाली सीटों को भरने के लिए विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड में पात्रता सीमा कम करने का प्रस्ताव रखा गया है।
करीब 6 हजार अतिरिक्त उम्मीदवार हो सकते हैं पात्र
केंद्र के अनुसार 50वें से 30वें पर्सेंटाइल तक क्वालिफाइंग सीमा कम किए जाने से लगभग 6,000 अतिरिक्त उम्मीदवार विशेष राउंड में शामिल होने के लिए पात्र हो सकते हैं। सरकार के अनुमान के मुताबिक इससे खाली सीटों की संख्या की तुलना में करीब तीन गुना उम्मीदवारों का पूल तैयार हो सकता है। हालांकि 30 पर्सेंटाइल हासिल करना केवल पात्रता की सीमा होगी और इससे किसी उम्मीदवार को सीट मिलने की गारंटी नहीं होगी। सीट आवंटन काउंसलिंग प्रक्रिया और उपलब्ध सीटों के आधार पर होगा।







