द्वार रुकाई की रस्म क्या है
हिंदू विवाह परंपराओं में शादी के बाद कई रस्में निभाई जाती हैं, जिनका अपना अलग सांस्कृतिक और पारिवारिक महत्व माना जाता है। इन्हीं में द्वार रुकाई की रस्म भी शामिल है। आमतौर पर दूल्हे के दुल्हन के साथ घर पहुंचने के बाद यह रस्म निभाई जाती है, जिसमें परिवार के सदस्य हंसी-मजाक के साथ नवदंपति का स्वागत करते हैं।
कैसे निभाई जाती है रस्म
जब दूल्हा दुल्हन के साथ अपने घर पहुंचता है, तो मुख्य दरवाजे पर उसकी बहनें या परिवार की अन्य महिलाएं रास्ता रोककर खड़ी हो जाती हैं। घर में प्रवेश से पहले दूल्हे से नेग या उपहार मांगा जाता है। नेग मिलने के बाद रास्ता खोला जाता है और नवदंपति का घर में स्वागत किया जाता है।







