बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 19 सितंबर की घटना के बाद वीडियो सामने आया और पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान और तलाश जारी है। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच के लिए SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार SIT जमुई SDPO की निगरानी में काम कर रही है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। पुलिस वीडियो फुटेज, आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में करीब सात संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।
वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स पर कार्रवाई
पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। 21 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टेकडाउन कार्रवाई की गई या नोटिस भेजे गए, जिनमें Facebook, Instagram और X से जुड़े अकाउंट्स शामिल बताए गए हैं। कार्रवाई का एक प्रमुख कारण नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो का प्रसार बताया गया है। पुलिस ने लोगों से ऐसे वीडियो को आगे शेयर या रीपोस्ट नहीं करने की अपील की है।







