Home भारत HSL Boosts Shipbuilding: एचएसएल ने 300 टन की स्वदेशी गोलियथ क्रेन और...

HSL Boosts Shipbuilding: एचएसएल ने 300 टन की स्वदेशी गोलियथ क्रेन और अपग्रेडेड स्लिपवे-4 खोला

एचएसएल ने एक दिन में पूरे किए तीन बड़े मील के पत्थर
हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) ने विशाखापत्तनम स्थित अपने शिपयार्ड में रक्षा और स्वदेशी जहाज निर्माण से जुड़े तीन अहम मील के पत्थर हासिल किए। इस दौरान 300 टन क्षमता वाली स्वदेशी गोलियथ क्रेन और अपग्रेडेड स्लिपवे-4 का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए तैयार किए जा रहे पांच फ्लीट सपोर्ट शिप में से पहले एफएसएस-1 को लॉन्च किया गया और पांचवें जहाज एफएसएस-5 की कील रखी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी पहली एचएसएल यात्रा के दौरान इन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।

 

300 टन की गोलियथ क्रेन से बढ़ेगी निर्माण क्षमता
एचएसएल के अनुसार, गोलियथ क्रेन को मेक इन इंडिया पहल के तहत एलएंडटी जियोस्ट्रक्चर ने कोनेक्रेन्स के साथ मिलकर डिजाइन और निर्मित किया है। रेल पर चलने वाली यह गैन्ट्री क्रेन स्लिपवे-3 और स्लिपवे-4 तक फैली है और भारी जहाज निर्माण ब्लॉकों को अधिक तेजी और सटीकता से संभालने में मदद करेगी। क्रेन में पीएलसी कंट्रोल, वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव, टैंडम लिफ्टिंग की क्षमता, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और कंडीशन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

 

स्लिपवे-4 अब 45 हजार डेडवेट टन तक के जहाज संभाल सकेगा
एचएसएल ने अपग्रेडेड स्लिपवे-4 की क्षमता भी बढ़ाई है। शिपयार्ड के मुताबिक, अब यहां 45,000 डेडवेट टन तक के जहाजों का निर्माण और लॉन्च किया जा सकता है। एचएसएल का कहना है कि नई क्रेन और अपग्रेडेड स्लिपवे मिलकर बड़े और अधिक जटिल जहाज निर्माण कार्यक्रमों को पूरा करने की क्षमता को मजबूत करेंगे।

 

भारतीय नौसेना के लिए FSS-1 लॉन्च, FSS-5 की कील रखी
कार्यक्रम के दौरान भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे पांच फ्लीट सपोर्ट शिप में से पहले एफएसएस-1 को लॉन्च किया गया। इसके साथ ही एफएसएस-5 की कील रखकर उसके निर्माण की औपचारिक शुरुआत की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन उपलब्धियों को भारत की समुद्री और रक्षा आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए एचएसएल की क्षमता की सराहना की।

 

आत्मनिर्भर जहाज निर्माण पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्नत स्लिपवे और 300 टन की गोलियथ क्रेन के साथ एचएसएल बड़े और अधिक जटिल जहाजों के निर्माण के लिए तैयार है। उन्होंने एफएसएस-1 के लॉन्च और एफएसएस-5 की शुरुआत को देश की आत्मनिर्भरता और भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमता को मजबूत करने वाला कदम बताया। एचएसएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल सी. रघुराम (सेवानिवृत्त) ने भी इस उपलब्धि को कर्मचारियों, भारतीय नौसेना और व्यापारिक साझेदारों के सहयोग का परिणाम बताया।