शिवराज-मोहन की बैठक के बाद भोपाल मार्च स्थगित
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र स्थित कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवारों के मकान हटाए जाने के विरोध में निकाला गया भोपाल मार्च स्थगित कर दिया गया है। करीब 5 हजार आदिवासी महिला, पुरुष और युवा प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए भोपाल की ओर पैदल रवाना हुए थे। देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच बैठक हुई। इसके बाद प्रभावित परिवारों के मामले की जांच और समाधान का भरोसा दिया गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षित वापसी के लिए बसों की व्यवस्था भी की।
कोसमी गांव में मकान हटाने से शुरू हुआ विवाद
मामला 11 अक्टूबर को कोसमी गांव में वन विभाग और वन विकास निगम की कार्रवाई के बाद सामने आया। प्रभावित आदिवासी परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से संबंधित जमीन पर रह रहे थे और खेती के जरिए आजीविका चलाते थे। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान मकानों के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचा। दूसरी ओर, वन विकास निगम का पक्ष है कि संबंधित जमीन पौधरोपण के लिए आवंटित आरक्षित वन क्षेत्र का हिस्सा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई। निगम के मुताबिक, संबंधित लोगों को पहले नोटिस भी दिए गए थे।
शिवराज सिंह चौहान ने उठाया प्रभावित परिवारों का मुद्दा
मकान हटाए जाने की घटना के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कोसमी गांव पहुंचे और कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आदिवासी परिवारों के साथ इस तरह की कार्रवाई क्यों हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट लेकर मामले की जांच कराने की बात कही। इस घटनाक्रम ने राज्य में आदिवासी परिवारों के अधिकारों और वन भूमि से जुड़े विवाद को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।
पांच दिन के धरने के बाद निकाली गई पदयात्रा
कोसमी गांव में कई दिनों तक धरना देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए भोपाल मार्च का फैसला किया। गुरुवार सुबह शुरू हुई पदयात्रा में बड़ी संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की मांगों में प्रभावित परिवारों के साथ हुई कार्रवाई की जांच, मकानों और फसलों को हुए नुकसान की भरपाई, पुनर्वास तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल था। उनका कहना था कि जमीन से जुड़े दावों और परिवारों की स्थिति की निष्पक्ष जांच की जाए।
बैठक के बाद प्रदर्शनकारी लौटने को हुए राजी
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रभावित परिवारों को जांच और समाधान का भरोसा दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद आंदोलनकारियों ने भोपाल मार्च स्थगित कर दिया और वापस लौटने पर सहमति जताई। प्रशासन ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए बसों की व्यवस्था की। फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई जांच और सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर निर्भर करेगी।







