टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में चार गिरफ्तार
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले की जांच में हथियारों की कथित आपूर्ति के तार उत्तर प्रदेश तक पहुंच गए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें हरियाणा के सोनीपत निवासी कुनाल और सुमित के साथ उत्तर प्रदेश के सीतापुर की राधा और आजमगढ़ की बबीता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, चारों को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि हथियार अमृतसर से जुटाकर दिल्ली के रास्ते मुंबई पहुंचाया गया था। मामले में सभी आरोपितों की भूमिका की जांच जारी है।
अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस लाने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, कुनाल ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए थे। आरोप है कि इसके बाद राधा और बबीता के जरिए हथियार मुंबई भेजा गया। पुलिस का दावा है कि कुनाल एन्क्रिप्टेड एप के माध्यम से अनिल पंडित के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था। बताया गया है कि 15 अक्टूबर को कुनाल दोनों युवतियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा था। इसके बाद दोनों मुंबई रवाना हुईं और 17 अक्टूबर को दादर स्टेशन के पास एक होटल में ठहरीं। पुलिस के अनुसार, उसी दिन होटल के पास एक नाबालिग लड़का राधा से बैग लेकर चला गया। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैग में रखा हथियार किसे सौंपा गया था।
फायरिंग के बाद मुंबई से दिल्ली लौटीं दोनों युवतियां
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद अनिल पंडित ने कुनाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उनके निकलने की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद राधा और बबीता उसी दिन दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। दोनों को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जबकि कुनाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि कुनाल हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था और एक परिचित के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इन सभी दावों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।
मुंबई पुलिस की हिरासत में पूछताछ, नेटवर्क की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपितों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी और मुंबई पुलिस की टीम ने औपचारिक गिरफ्तारी तथा हिरासत में पूछताछ की अनुमति मांगी, जिसके बाद चारों को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की मंजूरी मिली। जांच एजेंसियां हथियार की आपूर्ति, उसे लेने वाले व्यक्ति, कथित शूटरों और अनिल पंडित की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही, होटल के पास बैग ले जाने वाले नाबालिग की पहचान और आरोपितों के बीच संपर्क की प्रकृति की भी जांच की जा रही है। फिलहाल, मामले में सामने आए आरोप पुलिस के दावों पर आधारित हैं और आरोपितों के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।







