दिल्ली में 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के पास वकीलों और कार्यकर्ताओं ने EVM व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। इस दौरान चुनाव आयोग की मौजूदा चुनाव व्यवस्था को लेकर भी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से EVM के स्थान पर पेपर बैलेट से मतदान कराने की मांग रखी गई। यह मांग फिलहाल प्रदर्शनकारियों का पक्ष है, इसे चुनाव आयोग की स्वीकार की गई स्थिति के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पेपर बैलेट व्यवस्था बहाल करने की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चर्चा जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक पेपर बैलेट व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि मतदान प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पास प्रदर्शन किया गया। हालांकि, चुनाव आयोग मौजूदा व्यवस्था में EVM के साथ VVPAT का इस्तेमाल करता है।
चुनाव आयोग की EVM VVPAT व्यवस्था
मौजूदा चुनाव व्यवस्था में EVM के साथ VVPAT प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग के अनुसार VVPAT में मतदाता को उम्मीदवार का नाम, क्रमांक और चुनाव चिह्न वाली पर्ची दिखाई देती है। आयोग मतदान प्रक्रिया में EVM और VVPAT की जांच तथा रैंडमाइजेशन जैसी प्रक्रियाओं का भी प्रावधान बताता है। वहीं प्रदर्शनकारी इन व्यवस्थाओं के बावजूद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। दोनों पक्षों की दलीलों को अलग-अलग समझना जरूरी है।







