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Ghaziabad Job List Probe: गाजियाबाद में 60 युवाओं की नौकरी का दावा सवालों में

60 युवाओं को नौकरी दिलाने का दावा
गाजियाबाद में प्रशासन के साथ काम करने वाली हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन की ओर से 10 सितंबर को दी गई एक सूची अब सवालों के घेरे में है। संस्था ने जुलाई और अगस्त में 60 युवाओं को रोजगार दिलाने और उनके काम करने का दावा किया था। लेकिन सूची में शामिल कई युवाओं ने नौकरी मिलने से ही इनकार किया है। मामले के सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है।

 

कई युवाओं ने नौकरी से किया इनकार
सूची में शामिल तिगरी के पास हैबतपुर निवासी प्रीति के पिता ने बताया कि उनकी बेटी घर पर है और उसकी कोई नौकरी नहीं लगी। शहीद स्थल निवासी नेहा ने बताया कि उन्हें एक फूड चेन में नौकरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। कैलाभट्ठा निवासी इकरा ने भी बताया कि कंप्यूटर कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के लिए उनसे संपर्क नहीं किया गया, जबकि उनका नाम रोजगार पाने वालों की सूची में दर्ज है।

 

कुछ युवाओं ने नौकरी ठुकराई थी
विजयनगर के शांतिनगर निवासी बीबीए छात्र मनीष ने बताया कि उन्हें नोएडा की एक कंपनी में 13 हजार रुपये की नौकरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन घर से दूर होने के कारण उन्होंने नौकरी लेने से मना कर दिया। बीबीए छात्र अंशु के मामले में भी नौकरी की जानकारी दी गई, लेकिन वह नौकरी नहीं कर रहे हैं। प्रताप विहार निवासी जतिन ने भी पढ़ाई के कारण नौकरी नहीं करने की बात कही, जबकि सूची में उनके नौकरी करने का दावा दर्ज है।

 

नौकरी से पहले ही सूची में नाम
विजयनगर के भीमनगर निवासी बीएससी छात्र देव के मामले में संस्था के रिकॉर्ड में उन्हें एक कंपनी के फूड कोर्ट में नौकरी करते दिखाया गया है। देव के अनुसार, संस्था से संपर्क के बाद उनका कंप्यूटर कोर्स शुरू होना था और यह कोर्स अक्टूबर में शुरू होना था। ऐसे में उनके अनुसार नौकरी मिलने की स्थिति अभी बनी ही नहीं थी।

 

कुछ युवाओं ने नौकरी मिलने की पुष्टि की
सूची में शामिल सभी युवाओं ने नौकरी से इनकार नहीं किया। कुछ युवाओं ने रोजगार मिलने की पुष्टि भी की। एक युवक ने बताया कि वह गाजियाबाद की एक होम अप्लायंस कंपनी में काम कर रहा है। एक युवती ने बताया कि संस्था की मदद से पहले नौकरी मिली थी, जिसे सीनियर के व्यवहार के कारण छोड़ दिया था और बाद में संस्था ने उसे फूड कोर्ट में दूसरी नौकरी दिलाई।

 

संस्था ने दी अपनी सफाई
हेड हेल्ड हाई की प्रोजेक्ट टीम के अनुसार संस्था कॉलेजों, प्लेसमेंट कार्यालयों और अन्य माध्यमों के साथ विकेंद्रीय मॉडल पर काम करती है। संस्था का कहना है कि कुछ उम्मीदवारों को ऑफर लेटर मिल चुके हैं और वे परिवार की मंजूरी के बाद पद ग्रहण करेंगे। टीम के मुताबिक करीब 20 उम्मीदवारों को अभी पद ग्रहण करना है। संस्था युवाओं को प्रशिक्षण और इंटरव्यू की तैयारी कराने के साथ प्रमाणपत्र देने का भी दावा करती है।

 

प्रशासन ने शुरू कराई जांच
मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उनके अनुसार सूची में शामिल सभी युवाओं से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। अगर रोजगार संबंधी सूची में गलत जानकारी पाए जाने की पुष्टि होती है तो संस्था से जवाब लिया जाएगा। संस्था का कार्यालय विकास भवन में संचालित होने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।