भारत को सीधे मिलेगी जानकारी
गूगल ने भारत से जुड़े बच्चों के यौन शोषण सामग्री (CSAM) के मामलों की जानकारी भारतीय अधिकारियों तक सीधे पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस संबंध में भारत सरकार के साथ बातचीत चल रही है और संबंधित जानकारी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
पुरानी रिपोर्टिंग व्यवस्था में बदलाव
अब तक Google और Meta जैसी कंपनियां संदिग्ध CSAM मामलों की रिपोर्ट अमेरिका स्थित National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) को भेजती रही हैं। NCMEC इन रिपोर्टों को जरूरत के अनुसार संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाता है। भारत में अधिकारियों की चिंता रही है कि इस अतिरिक्त स्तर के कारण कार्रवाई में देरी हो सकती है।
Meta के बाद Google का कदम
Google का यह प्रस्ताव Meta के इसी तरह के फैसले के कुछ दिनों बाद सामने आया है। Meta ने सितंबर में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे I4C के साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करने की बात कही थी। इसके बाद अन्य बड़ी टेक कंपनियों से भी भारतीय एजेंसियों के साथ सीधे रिपोर्टिंग व्यवस्था मजबूत करने को लेकर बातचीत हुई।
सरकार ने बढ़ाया दबाव
Reuters के अनुसार, भारतीय सरकारी अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में Google और Microsoft जैसी टेक कंपनियों से भारत से जुड़े बाल शोषण मामलों की जानकारी सीधे भारतीय एजेंसियों को देने की मांग की थी। सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों में घरेलू कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक जानकारी तेजी से पहुंचाना है।







