खंडहर इमारतों में चल रहा था कथित अपराध का खेल
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-78 की अधूरी और सुनसान पड़ी इमारतों से जुड़े एक मामले की पुलिस जांच में कथित तौर पर लूट, वसूली और ब्लैकमेलिंग की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त को इसी इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर अपराध की घटना के बाद जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि आरोपी पहले भी यहां आने-जाने वाले लोगों को धमकाकर रुपये वसूलने और कुछ मामलों में ब्लैकमेल करने की कोशिश कर चुके थे। पुलिस अब उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही है, जिन्होंने डर या बदनामी के कारण पहले शिकायत नहीं की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग साथी फरार
पुलिस ने मुख्य आरोपी नीमका निवासी कुणाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग साथी के फरार होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से घटना से संबंधित वीडियो बरामद होने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर किशोर से 10 हजार रुपये मंगवाए गए थे। पुलिस वीडियो और इससे जुड़े रुपये के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
सिक्योरिटी गार्ड था मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार कुणाल ग्रेटर फरीदाबाद की कुछ अधूरी इमारतों में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था, जिसके कारण उसे इलाके की इमारतों और आसपास के सुनसान रास्तों की जानकारी थी। वहीं दीपक खंडहर के पास चाय की टपरी लगाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी वहां बैठकर आसपास आने-जाने वालों पर नजर रखते थे। जांच में यश और एक अन्य युवक के भी कथित रूप से वारदातों में शामिल होने की जानकारी मिली है।
पहले भी रुपये वसूलने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, 24 अगस्त की घटना से करीब तीन दिन पहले आरोपी एक व्यक्ति को भी धमका चुके थे, जो खंडहर इमारत में गया था। आरोप है कि दबाव बनाकर उससे ऑनलाइन तीन हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस को आशंका है कि ऐसे अन्य लोग भी हो सकते हैं जिन्हें आरोपियों ने निशाना बनाया हो, लेकिन उन्होंने डर या बदनामी के कारण पुलिस से संपर्क नहीं किया।
10 हजार रुपये के UPI लेनदेन से खुला सुराग
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपियों ने किशोर से 10 हजार रुपये की मांग की थी। किशोर ने अपने पिता को फोन किया, जिसके बाद उसके खाते में रुपये भेजे गए और फिर ये रकम कुणाल के UPI खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने लेनदेन की जांच के आधार पर कुणाल की पहचान और मोबाइल नंबर हासिल किया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई और उसकी निशानदेही पर यश तथा दीपक को पकड़ा गया।
12 साल से अधूरी पड़ी हैं आठ से ज्यादा इमारतें
सेक्टर-78 में मुख्य मार्ग से करीब 400 मीटर अंदर आठ से अधिक बहुमंजिला इमारतें लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन इमारतों का निर्माण करीब 12 साल से बंद है। 12 से 17 मंजिल तक की इन इमारतों के आसपास घनी झाड़ियां उग आई हैं और शाम के बाद इलाका काफी सुनसान हो जाता है। आबादी से दूरी और कम आवाजाही के कारण यहां सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त पर भी सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में बिजली के पोल होने के बावजूद पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है और शाम के बाद आसपास के रास्तों पर असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की शिकायतें सामने आती हैं। बीपीटीपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास पुलिस गश्त की जाती है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था के लिए एचएसवीपी और नगर निगम को पत्र लिखने की कार्रवाई की जा रही है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बीपीटीपी थाना पुलिस और अपराध शाखा की टीमें दिल्ली-एनसीआर में दबिश दे रही हैं। पुलिस रिश्तेदारों के संभावित ठिकानों पर भी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और मोबाइल फोन की जांच के साथ पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर पहले कितने लोगों को निशाना बनाया गया था।
महिला आयोग भी कर रहा मामले की निगरानी
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन ऊषा प्रियदर्शनी के अनुसार आयोग मामले की निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आयोग की ओर से अगले सप्ताह फरीदाबाद पहुंचकर पीड़ित बच्ची से मुलाकात करने की बात भी कही गई है।







