आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 24 सितंबर 2026 तक जांच एजेंसी छह लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें साहिल के करीब रहने वाले तीन छात्र भी शामिल हैं। पुलिस इन बयानों के जरिए 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच अधिकारियों का फोकस उस पूरे घटनाक्रम पर है, जो परीक्षा के अंतिम समय से लेकर साहिल के हॉस्टल पहुंचने तक हुआ। वहीं मामले में नाम सामने आए प्रोफेसर सुर्यनारायण डूल्ला का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पहले डिजिटल सबूत और अन्य गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं, जिसके बाद आगे की पूछताछ की जाएगी।
परीक्षा हॉल का CCTV बना जांच का अहम सबूत
जांच में सामने आए CCTV फुटेज में 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल को परीक्षा हॉल में देखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक परीक्षा खत्म होने में करीब 15 मिनट बाकी थे और फुटेज में साहिल को अपनी जेब की ओर झुककर देखते हुए देखा गया। इसके बाद परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर ने उनसे पूछताछ की और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले जाते हुए दिखाई देते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आए फुटेज में साहिल को अपनी सीट से उठकर सामान लेने और परीक्षा हॉल से बाहर जाते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है। पुलिस अब इस फुटेज को अन्य CCTV और डिजिटल साक्ष्यों के साथ मिलाकर घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार कर रही है।
ChatGPT से चीटिंग का दावा अभी जांच में
साहिल के मामले में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और कथित तौर पर ChatGPT के इस्तेमाल की बात लगातार चर्चा में है। शुरुआती तौर पर IIT बॉम्बे की ओर से कहा गया था कि साहिल ने परीक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड करके उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि संस्थान ने बाद में इस दावे पर माफी मांगी और कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटनाक्रम को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं था। क्राइम ब्रांच भी अब साहिल के मोबाइल और उपलब्ध डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि CCTV फुटेज ने ChatGPT से चीटिंग की बात साबित कर दी है। पुलिस इस पहलू को डिजिटल साक्ष्यों के जरिए सत्यापित करने की कोशिश कर रही है।







