जांच के बीच अलग-अलग दावे
IIT बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच जारी है। परिवार की ओर से संस्थागत उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं, जबकि साहिल के करीबी दोस्त यतीश कुमार ने परिसर में जातिगत भेदभाव का अनुभव होने से इनकार किया है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
दोस्त ने जातिवाद से किया इनकार
मीडिया से बातचीत में यतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने IIT बॉम्बे परिसर में जातिगत भेदभाव का अनुभव नहीं किया। उनके मुताबिक परीक्षा से कुछ दिन पहले तक साहिल सामान्य और खुश नजर आ रहा था। उन्होंने पढ़ाई और परीक्षा से जुड़े दबाव को मामले के संदर्भ में महत्वपूर्ण पहलू बताया।
परीक्षा को लेकर क्या हुआ
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन पाए जाने की बात सामने आई थी। IIT बॉम्बे ने कहा था कि प्रश्नपत्र को AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर जवाब लेने की कोशिश की गई थी और उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परिवार की ओर से हालांकि अलग आरोप लगाए गए हैं।







