Home भारत Indore Abortion Kit Seizure: इंदौर में 92 लाख की गर्भपात किट बरामद

Indore Abortion Kit Seizure: इंदौर में 92 लाख की गर्भपात किट बरामद

इंदौर में 92 लाख की गर्भपात किट बरामद
मध्य प्रदेश के इंदौर में नवरात्र से पहले औषधि विभाग की कार्रवाई में 19 हजार से ज्यादा गर्भपात किट बरामद किए जाने का मामला सामने आया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, जब्त किटों की अनुमानित कीमत करीब 92 लाख रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक मिलने के बाद प्रशासन ने इनके स्रोत, भंडारण और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि यह खेप कहां से लाई गई और इसे किन-किन स्थानों पर भेजा जाना था।

 

दो स्थानों पर कार्रवाई और दस्तावेजों की पड़ताल
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, औषधि विभाग ने इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गर्भपात संबंधी किट बरामद कीं। एक रिपोर्ट में धार कोठी स्थित गोदाम में 24 सितंबर की कार्रवाई और दूसरी कार्रवाई लसूड़िया मोरी क्षेत्र में होने की जानकारी दी गई है। दोनों मामलों में लाइसेंस और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की बात सामने आई है। प्रशासन अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि दवाओं की खरीद, बिलिंग और वितरण से संबंधित दस्तावेज क्या हैं तथा इस पूरे मामले में किन लोगों या संस्थानों की भूमिका सामने आती है।

 

उषा ठाकुर ने उठाए सवाल
मामले को लेकर भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ी मात्रा में गर्भपात संबंधी दवाओं के स्टॉक पर सवाल उठाते हुए पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की मांग की है। उन्होंने इतनी बड़ी मात्रा में ऐसी दवाओं के मिलने को गंभीर मामला बताया है। यह उनका राजनीतिक और सार्वजनिक बयान है; उपलब्ध रिपोर्टों में उनके आरोप या आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं बताई गई है।

 

कलेक्टर ने सप्लाई नेटवर्क की जांच की बात कही
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार, प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और बरामद दवाओं के स्रोत तथा सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसे किन स्थानों पर भेजा जाना था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद ही सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और स्थानों की स्थिति स्पष्ट होगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ लागू कानून के तहत कार्रवाई की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।