जियो आईपीओ को मिली रिकॉर्डतोड़ बोलियां
मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का जबरदस्त ध्यान खींचा है। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू को 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं और निवेशकों के आवेदनों की संख्या 1.25 करोड़ के पार पहुंच गई। सफल कैपिटल के आंकड़ों के मुताबिक, इस आईपीओ ने आवेदन संख्या और बोली राशि से जुड़े कई नए रिकॉर्ड बनाए। भारी मांग ने इसे देश के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल कर दिया है।
संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी
जियो आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की ओर से करीब 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां लगाई गईं। यह आंकड़ा संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में पिछले बताए गए रिकॉर्ड से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीओ को अंतिम दिन तक 20 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, इश्यू खुलने के पहले ही एंकर निवेशकों से भी मजबूत मांग देखने को मिली। 212 निवेशक खातों और योजनाओं को कुल 8,110 करोड़ रुपये का एंकर आवंटन दिया गया। इससे आईपीओ को लेकर बड़े निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रिटेल निवेशकों और शेयरधारकों ने भी दिखाई दिलचस्पी
इस आईपीओ में खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, खुदरा श्रेणी से एक करोड़ से अधिक आवेदन आए, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 21 लाख से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए। शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां आने का दावा किया गया है। इसके अलावा, छोटे हाई नेटवर्थ निवेशकों की श्रेणी में 5.75 लाख से अधिक और बड़े हाई नेटवर्थ निवेशकों की श्रेणी में 3.5 लाख से ज्यादा आवेदन आए। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में भी दो लाख से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी दी गई।
शेयर आवंटन और लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बाद अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की प्रक्रिया पर है। खबर में दिए गए कार्यक्रम के अनुसार, शेयर आवंटन का आधार 26 अक्टूबर को तय होने और शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE तथा NSE पर होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, इन तारीखों और रिकॉर्ड से जुड़े दावों की पुष्टि आधिकारिक एक्सचेंज घोषणाओं से की जानी चाहिए। आईपीओ में मिली भारी मांग निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाती है, लेकिन इससे लिस्टिंग के बाद शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी से जुड़े दस्तावेजों, जोखिमों और आधिकारिक सूचनाओं का अध्ययन करना चाहिए।







