Home राजनीति भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्यकर्ता पहुंचे एमपी नगर थाना

भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्यकर्ता पहुंचे एमपी नगर थाना

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को एमपी नगर थाने पहुंचे और पूरे मामले को लेकर पुलिस को शिकायती आवेदन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समाज और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला अब मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है।

एमपी नगर थाने में शिकायत
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के नेतृत्व में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बारोलिया, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी मुकेश बंसल, प्रदेश संगठन महामंत्री रमेश चंद्र बकोरिया, प्रदेश सचिव जगदीश रोहर और महेश वर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष नीरज चंडाले के साथ दिलावर ओसवाल, शुभम इंद्रसे, केशव चौहान, रूपेश रमन, अमित बेबी, रवि, प्रिंस, करन और आशीष समेत कई कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने शिकायत में कथित घटना को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।

SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दिए आवेदन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST Act के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद आयोजन स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और छुआछूत जैसी प्रथाओं के लिए आधुनिक लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर वह आगे भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।