नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 12 सितंबर 2026 को द्विपक्षीय बैठक हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैठक करीब 50 मिनट चली। वार्ता में भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने, सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक 2019 के बाद शी जिनपिंग की पहली भारत यात्रा के दौरान हुई है।
मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान भारत और चीन के बीच मौजूद मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी है। दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और व्यवस्थाओं का पालन करने तथा सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की।
LAC पर शांति और स्थिरता पर फोकस
बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC की स्थिति भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। भारत और चीन के बीच हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों ने संबंधों को स्थिर करने की दिशा में कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर शांति को द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं ने सीमा प्रबंधन और शांति बनाए रखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।







