विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद पर कांग्रेस के सवाल
मध्यप्रदेश में सरकारी जेट विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद तथा उनकी आंतरिक साज-सज्जा पर होने वाले खर्च को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर विमानन सुविधाओं के लिए करीब 600 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण और बुजुर्गों की पेंशन जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कांग्रेस ने सरकार से खरीद प्रक्रिया और खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
प्रदेश के कर्ज और ब्याज का मुद्दा उठाया
मुकेश नायक ने दावा किया कि मध्यप्रदेश पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार को प्रतिदिन लगभग 101 करोड़ रुपये ब्याज चुकाना पड़ता है। उन्होंने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर पर होने वाले खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि जब राज्य में जनकल्याण से जुड़े कई मुद्दे मौजूद हैं, तब इतने बड़े खर्च का औचित्य और वित्तीय विवरण जनता के सामने रखा जाना चाहिए। ये आंकड़े और आरोप कांग्रेस नेता के बयान पर आधारित हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
जेट विमान की कीमत और साज-सज्जा पर सवाल
कांग्रेस नेता ने जेट विमान की कीमत को लेकर दावा किया कि इसकी शुरुआती कीमत 234 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि खरीद की राशि 350 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। उन्होंने विमान के अंदरूनी हिस्से की साज-सज्जा पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का भी आरोप लगाया। नायक ने सरकार से पूछा कि कीमत में बढ़ोतरी किन कारणों से हुई और साज-सज्जा पर खर्च की गई राशि का आधार क्या है। खरीद अनुबंध, तकनीकी विवरण और आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज सामने आने पर ही इन दावों का पूरा आकलन किया जा सकेगा।
हेलीकॉप्टर की लागत पर भी मांगा जवाब
मुकेश नायक ने हेलीकॉप्टर की कीमत को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, इसकी शुरुआती कीमत 125 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 250 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने हेलीकॉप्टर के आंतरिक हिस्से की साज-सज्जा पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा भी किया। कांग्रेस ने विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद, कीमतों में कथित वृद्धि और साज-सज्जा पर हुए खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। फिलहाल, इन आरोपों पर सरकार का विस्तृत पक्ष और संबंधित खर्चों के आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं।







