मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन, युवाओं से संवाद एवं घोषणाएं
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मंगलवार को सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन किया एवं विभिन्न अहम मुद्दों पर युवाओं से सीधे संवाद कर छात्र हित में कई घोषणाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा संकल्प अभियान- 2026 के तहत 'मध्य प्रदेश-सेवा फर्स्ट-इनोवेशन चैलेंज' के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया और उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विकास से संबंधित एक विशेष प्रदर्शनी का दौरा किया।
MPPSC एवं अन्य कई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मध्य प्रदेश सरकार राज्य भर के सभी जिलों के सरकारी महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करेगी। शोधार्थियों को प्राप्त होने वाली शोध छात्रवृत्ति की राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रति माह की जाएगी।
5 करोड़ का आइडिया फंड बनाने की योजना
इसके अलावा, सरकारी कॉलेजों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। युवाओं के बीच नवाचार और स्टार्टअप विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड बनाया जाएगा।
MPPSC की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जावेगी
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा किया कि युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जावेगी। मध्य प्रदेश एक युवा राज्य है और सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु निरंतर काम कर रही है।
वर्तमान में राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती की जा रही है। आगामी वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा और युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बैठने के लिए अधिक अवसर प्रदान करने हेतु एमपीपीएससी परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी।
हम युवा वर्ष 2027 मनाने जा रहे : मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के बाद उपस्थित पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'युवा वर्ष- 2027' की तैयारी कर रही है और युवाओं से सुझाव लेने के लिए ही युवा सम्मेलन का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हम युवा वर्ष-2027 मनाने जा रहे हैं। अभी हमने यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया है तथा युवाओं के सुझाव भी आमंत्रित कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी कई फैसले लिए हैं तथा संबंधित विभाग उन्हें लागू करने की दिशा में कार्य भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ष रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करेगा और उन्हें मध्य प्रदेश और देश के विकास में योगदान देते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में मदद करेगा।
UPSC की तर्ज पर MPPSC परीक्षा पारदर्शी और प्रक्रिया तेज होगी
मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया को बिल्कुल पारदर्शी एवं निर्धारित समय पर पूरा करना है। UPSC और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की तरह अब MPPSC भी अपना वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करेगा जिसमें साल में दो बार प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स), मुख्य परीक्षा (मेंस) और इंटरव्यू की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न करायी जा सके। इससे खाली पड़े प्रशासनिक पदों को जल्दी भरा जा सकेगा, और अभ्यर्थियों का भी अमूल्य समय भी बच सकेगा। अभी तक राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं किसी न किसी कारण से लेट हो जाती रही हैं तथा परीक्षा में देरी, रिजल्ट तथा पोस्टिंग में कई महीनों का समय लगता है। जिससे कई छात्रों के साल बर्बाद हो जाते हैं और उनकी उम्र भी निकल जाती है।







