ओली पोप समेत तीन इंग्लिश क्रिकेटरों ने नाम वापस लिया
इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेटर ओली पोप समेत तीन खिलाड़ियों ने अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) के ड्राफ्ट से अपना नाम वापस ले लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के पीछे तालिबान की 2021 में सत्ता में वापसी के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर चिंताएं हैं। पोप के अलावा विल स्मीड और डेविड विली ने भी ड्राफ्ट से हटने का फैसला किया है।
महिलाओं के अधिकारों को लेकर उठे सवाल
अगस्त 2021 में तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार आलोचना होती रही है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन भी अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ व्यवहार पर गंभीर चिंता जता चुके हैं।
ईसीबी के लिए खिलाड़ियों को रोकना आसान नहीं
इंग्लैंड के क्रिकेट निदेशक रॉब की ने कहा है कि खिलाड़ियों को निजी लीग में खेलने से रोकना कानूनी रूप से मुश्किल हो सकता है। बीबीसी के टेस्ट मैच स्पेशल पॉडकास्ट में उन्होंने इस मुद्दे को नैतिक निर्णय से जुड़ा बताया। की ने महिलाओं के साथ अफगानिस्तान में किए जा रहे व्यवहार पर असहमति जताते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को अपने स्तर पर फैसला करना होगा।
कुछ खिलाड़ियों ने भागीदारी का बचाव किया
एपीएल ड्राफ्ट में डेविड मलान, मोईन अली, जेम्स विंस और जेम्स रेव जैसे खिलाड़ियों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। डेविड मलान ने अपनी भागीदारी का बचाव करते हुए कहा कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और संबंधित क्रिकेट बोर्डों से मार्गदर्शन लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रतियोगिता को संबंधित बोर्डों की मंजूरी मिली है, तो उनके लिए उसमें खेलने का निर्णय लेना उचित हो सकता है।
इंग्लैंड और अफगानिस्तान के क्रिकेट संबंध
इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच 2021 के बाद द्विपक्षीय क्रिकेट मुकाबले नहीं हुए हैं, हालांकि दोनों टीमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं। एपीएल ड्राफ्ट को लेकर खिलाड़ियों के अलग-अलग फैसलों ने खेल, नैतिक जिम्मेदारी और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।







