बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित PDA रथ को लेकर निशाना साधा है। मायावती ने 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए रथ के रंग को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रचारित किया जा रहा PDA रथ सपा के पारंपरिक लाल रंग से कम और RSS तथा BJP से जुड़े भगवा रंग का ज्यादा दिखाई देता है। मायावती ने इसी आधार पर सपा की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए और कहा कि लोगों के बीच इसको लेकर चर्चा हो रही है।
लाल से ज्यादा भगवा दिखने का दावा
मायावती ने अपने बयान में कहा कि अखिलेश यादव का PDA रथ सपा के अपने लाल रंग की तुलना में भगवा रंग से अधिक प्रभावित नजर आ रहा है। उन्होंने इसे लेकर सपा पर चुनावी लाभ के लिए अपना राजनीतिक रंग और मुद्दे बदलने का आरोप लगाया। मायावती ने सवाल किया कि क्या यह बदलाव वोटों के लिहाज से रणनीति का हिस्सा है या फिर सपा प्रमुख का मुस्लिम मतदाताओं पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा है। हालांकि, रथ के रंग को लेकर मायावती की टिप्पणी उनके राजनीतिक आकलन और आरोप के रूप में सामने आई है।
अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर भी सवाल
मायावती ने केवल PDA रथ के रंग पर ही टिप्पणी नहीं की, बल्कि समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले की वास्तविकता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अलग-अलग समय पर PDA की अलग-अलग व्याख्या की है। मायावती ने अपने पोस्ट में ‘PD’ को कभी पिछड़ा-दलित और कभी पंडित के रूप में बताए जाने का जिक्र किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अलग-अलग राजनीतिक मौकों पर अंबेडकरवादी पहचान और नीले रंग से जुड़े प्रतीकों का इस्तेमाल किया। ये सभी बातें मायावती की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।







