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Ramakona Sharad Purnima 2026: रामाकोना में शरद पूर्णिमा पर 26 अक्टूबर को निकलेगी काकड़ा आरती, 370 साल पुरानी परंपरा का होगा निर्वहन

रामाकोना। मध्य प्रदेश के रामाकोना में शरद पूर्णिमा के अवसर पर एक बार फिर करीब 370 वर्ष पुरानी धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। पैठन तुल्य श्री तीर्थ क्षेत्र रामाकोना स्थित श्री विठ्ठल रुखुमाई मंदिर देवस्थान में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को प्रातःकाल भव्य काकड़ा आरती का आयोजन होगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी और संतों के जयघोष के बीच श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे। श्री विठ्ठल रुखुमाई मंदिर समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर धार्मिक तैयारियां की जा रही हैं।

सुबह 4 बजे शुरू होगी काकड़ा आरती
मंदिर समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संत हिरामन जी एवं बंधु वाताजी महाराज के आशीर्वाद से सदियों से चली आ रही इस परंपरा के तहत सुबह 4 बजे काकड़ा आरती का शुभारंभ होगा। इसके बाद सुबह 5 बजे भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की प्रतिमाओं का अभिषेक किया जाएगा और उन्हें नवीन वस्त्रों से सुसज्जित किया जाएगा।

पूजा-अर्चना के बाद भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी एवं संतों का जयघोष करते हुए काकड़ा आरती संपन्न होगी। करीब 370 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करेंगे और पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

रामाकोना के प्रमुख मंदिरों में होगी पूजा-अर्चना
शरद पूर्णिमा के अवसर पर रामाकोना के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी। कार्यक्रम के अंतर्गत शांति ब्रह्म श्री एकनाथ महाराज मंदिर, गंगा तुल्य कन्हान मैया नदी, श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान जी मंदिर, श्री राजराजेश्वरी दुर्गा माता मंदिर और श्री नाग मंदिर सहित अन्य देवस्थानों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

इसके साथ ही श्रद्धालु ग्राम की पंचक्रोशी परिक्रमा करेंगे। इस दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना कर भक्त धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन का उद्देश्य ग्राम की धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।

मुख्य मंदिर में पूजा के बाद वितरित होगा प्रसाद
पंचक्रोशी परिक्रमा और विभिन्न देवस्थानों में पूजा-अर्चना के बाद कार्यक्रम का समापन मुख्य मंदिर देवस्थान में होगा। यहां भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की पूजा-अर्चना और काकड़ा आरती के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

मंदिर परिसर में भगवान के जयघोष और भक्ति के वातावरण के बीच श्रद्धालु इस पारंपरिक आयोजन में सहभागी बनेंगे। शरद पूर्णिमा के अवसर पर होने वाला यह कार्यक्रम रामाकोना की धार्मिक पहचान और पुरानी परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है।

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से की शामिल होने की अपील
श्री विठ्ठल रुखुमाई मंदिर देवस्थान, रामाकोना के आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से 26 अक्टूबर को आयोजित काकड़ा आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे समय पर पहुंचकर भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन करें और पूजा-अर्चना में सहभागी बनें।

करीब 370 वर्ष पुरानी इस परंपरा के निर्वहन के साथ रामाकोना में शरद पूर्णिमा का पर्व धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।