संभल कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
उत्तर प्रदेश के संभल में एक शिक्षिका पर तेजाब फेंकने के मामले में अदालत ने युवक निशु और उसकी प्रेमिका जाह्नवी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी ने दोनों को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता भावना को दी जाए। घटना के करीब एक साल 20 दिन बाद अदालत का फैसला आया।
स्कूटर से घर लौटते समय शिक्षिका पर हमला
यह मामला संभल के नखासा थाना क्षेत्र का है। 23 सितंबर 2025 को 27 वर्षीय शिक्षिका भावना पर सिंहपुर सानी से शरीफपुर जाने वाली सड़क पर कुंडो तालाब के पास तेजाब फेंका गया था। भावना शरीफपुर की निवासी हैं और गांव देहपा स्थित बिहारी लाल इंटर कॉलेज में पढ़ाती हैं। घटना के समय वह स्कूटर से घर लौट रही थीं। हमले में उनका चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया गया।
फर्जी फेसबुक आईडी से शुरू हुआ संपर्क
पुलिस जांच के अनुसार, जाह्नवी ने डॉ. अर्चना के नाम से फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाई थी। इसी पहचान के जरिए उसने सोशल मीडिया पर निशु से संपर्क किया और दोनों के बीच संबंध बन गए। जांच में आरोप सामने आया कि जाह्नवी ने निशु से शादी करने का वादा किया था और बाद में उसे शिक्षिका भावना पर तेजाब फेंकने के लिए उकसाया। अभियोजन पक्ष ने मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका से संबंधित साक्ष्य अदालत के सामने रखे।
घटना के बाद आरोपी हुए गिरफ्तार
हमले के बाद निशु फरार हो गया था। 25 सितंबर 2025 को पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जाह्नवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में दोनों के बीच सोशल मीडिया के जरिए बने संबंध और शिक्षिका पर हमले के मामले की कड़ियों की पड़ताल की गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में पेश किए साक्ष्य
मंगलवार शाम करीब छह बजे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीतू रानी ने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता मसूद अली फारूकी और फैज अली फारूकी ने मामले की पैरवी की। सुनवाई के दौरान आरोपियों की भूमिका से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए गए। मामले पर विचार करने के बाद अदालत ने निशु और जाह्नवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
पीड़िता भावना ने फैसले पर जताई संतुष्टि
अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और पूरी राशि पीड़िता भावना को देने का आदेश दिया। फैसले के बाद भावना ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने अदालत के प्रति आभार भी व्यक्त किया।







