अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के आठ Articles पेश किए हैं। मैसी ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ने ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को कांग्रेस की मंजूरी के बिना जारी रखा और इस तरह संविधान में निहित कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों तथा 1973 के War Powers Resolution का उल्लंघन किया। यह मैसी का आरोप है, कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं। प्रस्ताव 15 सितंबर 2026 को सदन में पेश किया गया और इसके बाद अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
ईरान सैन्य कार्रवाई बना मुख्य मुद्दा
मैसी के प्रस्ताव के शुरुआती आरोप ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े हैं। उनके अनुसार बिना कांग्रेस की युद्ध घोषणा या वैधानिक अनुमति के लंबे समय तक सैन्य अभियान जारी रखना War Powers Resolution के प्रावधानों के विपरीत है। रिपोर्टों के मुताबिक मैसी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने की कोशिशों के बावजूद ईरान में अभियान जारी रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ईरान में अपने सैन्य कदमों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई से जुड़े अपने अधिकारों के संदर्भ में देखता है। इसलिए महाभियोग प्रस्ताव में लगाए गए आरोपों और सरकार के कानूनी रुख को अलग-अलग समझना जरूरी है।
प्रस्ताव में यमन और वेनेजुएला का भी जिक्र
महाभियोग के आठ Articles केवल ईरान तक सीमित नहीं हैं। मैसी ने यमन में सैन्य अभियानों को भी कांग्रेस की अनुमति के बिना चलाए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा प्रस्ताव में वेनेजुएला से जुड़े सैन्य कदम, नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की कथित अनदेखी और एक अमेरिकी सांसद के खिलाफ Pentagon की कार्रवाई से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं को मैसी ने महाभियोग के आधार के रूप में रखा है। फिलहाल ये सभी आरोप प्रस्ताव में लगाए गए दावे हैं और इन पर सदन की प्रक्रिया तथा आगे की राजनीतिक कार्रवाई होना बाकी है।







