इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने फ्लाईदुबई के हीरो भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें पत्र भेजा है। हर्जोग ने मच्छार को यरुशलेम आने और इजरायल में नागरिकों को बहादुरी के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रपति पुरस्कार लेने के लिए भी आमंत्रित किया। यह पुरस्कार इजरायल में नागरिकों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। स्मित मच्छार को इजरायल और दुनिया के लिए हीरो बताते हुए राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि वह यरुशलम में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। हर्जोग न X पर एक पोस्ट में लिखा, "इजरायल के लोगों की ओर से नागरिकों की बहादुरी के लिए इजरायल का सर्वोच्च सम्मान- इजरायली प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म, आपको प्रदान करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।"
विमान के अंदर हुई घटनाएं किसी थ्रिलर से कम नहीं
इजरायली राष्ट्रपति ने मच्छार की एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वे पत्र पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन 30 सितम्बर को दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान साथी को-पायलट के हमले में घायल हो गए थे। ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर उन पर हमला बोल दिया था। घायल होने के बावजूद उन्होंने बहादुरी से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया जिससे यात्रियों और क्रू ने हमलावर को-पायलट को काबू कर लिया। कैप्टन स्मित मच्छार इस समय UAE के अस्पताल में चोटों से उबर रहे हैं। हर्जोग ने पत्र में लिखा, "इजरायल की ओर से मैं आपके असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प के लिए अपना गहरा आभार व्यक्त करता हूं, जिसके साथ आपने अपने विमान को सुरक्षित रूप से संचालित किया और विमान में सवार सभी निर्दोष यात्रियों के लिए एक निश्चित त्रासदी को टाल दिया।" उन्होंने कहा कि विमान के अंदर हुई घटनाएं किसी थ्रिलर से कम नहीं थीं।
मच्छार इजरायल के इतिहास का हिस्सा बनेंगे
हर्जोग ने कहा कि अपनी जान पर बन आए तत्काल खतरे का सामना करने और सही फैसला लेने की आपकी क्षमता आपके चरित्र की मजबूती और आपकी महान वीरता को दिखाती है। इजरायली राष्ट्रपति ने कहा कि मच्छार इजरायल के इतिहास का हिस्सा बनेंगे। हर्जोग ने पत्र में आगे लिखा, "हम सभी आपके पूरी तरह और जल्द ठीक होने की दिल से कामना करते हैं। जब आप ठीक हो जाएंगे, तो मैं यरुशलम में आपका स्वागत करने और हमारे कृतज्ञ देश की ओर से आपके प्रति सम्मान और प्यार जाहिर करने का इंतजार करूंगा।"







