Home साइबर दुनिया गुजरात पुलिस की नई डिजिटल पहल: गुजरात में e-Zero FIR शुरू

गुजरात पुलिस की नई डिजिटल पहल: गुजरात में e-Zero FIR शुरू

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गुजरात पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों के लिए e-Zero FIR की नई व्यवस्था शुरू की है। अब साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने जाने की जरूरत नहीं होगी। पीड़ित 1930 साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद इसे e-Zero FIR की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाएगा। संबंधित पुलिस स्टेशन इसके बाद पीड़ित से सीधे संपर्क करेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य साइबर अपराध की शिकायत और पुलिस कार्रवाई के बीच लगने वाले समय को कम करना है।

1930 पर शिकायत से शुरू होगी कार्रवाई
साइबर ठगी का शिकार व्यक्ति सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकेगा। शिकायत मिलने के बाद उसकी जानकारी संबंधित पुलिस व्यवस्था तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद मामले को e-Zero FIR के रूप में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस अधिकारी पीड़ित से ठगी से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल करेंगे। बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने या फ्रीज कराने की संभावना भी बढ़ सकती है।

₹1 लाख या उससे अधिकके  मामलों पर विशेष निगरानी
गुजरात में हर दिन औसतन 504 साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए गुजरात पुलिस ने आज एक और बड़ा और जनहितैषी फैसला लिया है। राज्य पुलिस ने अपनी ई-एफआईआर (e-FIR) नीति में ढील देते हुए इसकी वित्तीय सीमा को ₹10 लाख से घटाकर ₹1 लाख या उससे अधिक कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब हजारों छोटे-बड़े पीड़ितों को राहत मिलेगी और उन्हें थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।