पंजाब पुलिस ने कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पंजाब पुलिस के अनुसार अमृत डालम के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, UAPA, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट से जुड़े 21 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह अक्टूबर 2024 में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी को वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस की टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक यह पंजाब पुलिस का किसी यूरोपीय देश से पहला सफल प्रत्यर्पण है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही हिरासत में लिया गया
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत लेकर पहुंची। आरोपी को अजरबैजान के बाकू के रास्ते दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे आधिकारिक तौर पर अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम की अगुवाई एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स से जुड़े अधिकारियों ने की। भारत पहुंचने के बाद अब पंजाब पुलिस आरोपी से उसके आपराधिक नेटवर्क और उसके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर पूछताछ करेगी। इस कार्रवाई के बाद उसे संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
ऑपरेशन ईस्टर्न रीच के तहत हुई कार्रवाई
पंजाब पुलिस के मुताबिक अमृत डालम को पकड़ने और भारत वापस लाने के लिए ऑपरेशन ईस्टर्न रीच चलाया गया। यह अभियान करीब छह महीने तक चला और इसमें एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स तथा ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल ने अहम भूमिका निभाई। इस अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सीबीआई की इंटरपोल विंग के साथ समन्वय किया गया। अलग-अलग देशों में आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत वापस लाया गया। पंजाब पुलिस ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई बताया है।







