राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की चार्जशीट में 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की साजिश को लेकर कई अहम दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, विस्फोट में इस्तेमाल Hyundai i20 को Vehicle-Borne Improvised Explosive Device यानी VBIED में बदला गया था। NIA ने मामले में उमर उन नबी को कथित मास्टरमाइंड और ऑपरेशनल इंचार्ज बताया है। एजेंसी के अनुसार, उमर उन नबी विस्फोट के समय कार के अंदर मौजूद था और उसी ने कमांड मैकेनिज्म के जरिए IED को सक्रिय किया। DNA जांच से भी उसके कार के अंदर होने की पुष्टि किए जाने की बात चार्जशीट में सामने आई है।
AQIS और AGuH से जुड़े होने का दावा
NIA की जांच के अनुसार, मामले में नामजद आरोपी Ansar Ghazwat-ul-Hind यानी AGuH से जुड़े थे, जिसे एजेंसी ने Al-Qaeda in the Indian Subcontinent यानी AQIS का ऑफशूट बताया है। अगस्त 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की 38वीं रिपोर्ट में भी नवंबर 2025 के लाल किला हमले को AQIS से officially attributed बताया गया। रिपोर्ट में AQIS के छोटे और विकेंद्रीकृत सेल, लॉजिस्टिक नेटवर्क और वित्तीय नेटवर्क विकसित करने को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, मामले में अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना बाकी है।
इंटरनेट और AI के इस्तेमाल का भी आरोप
चार्जशीट से सामने आई जानकारी के मुताबिक, मॉड्यूल के कुछ आरोपियों ने इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए किया। NIA के अनुसार, आरोपी जसीर बिलाल वानी ने YouTube पर रॉकेट बनाने से संबंधित सामग्री खोजी और ChatGPT की मदद से रॉकेट आधारित IED तैयार करने की जानकारी हासिल करने की कोशिश की। जांच में यह भी आरोप है कि आरोपियों ने रॉकेट आधारित IED तैयार किए और जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड इलाके के जंगल में उनका परीक्षण किया। यह पूरा विवरण NIA की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर आधारित है।






