हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर ग्वालियर बेंच में जनहित याचिका दायर की गई है। ग्वालियर की सुधा दुबे की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने योजना के लाभार्थियों, भुगतान और संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी है।
योजना के मौजूदा स्वरूप पर सवाल
याचिका में महिलाओं को आर्थिक सहायता दिए जाने का सीधे तौर पर विरोध करने के बजाय योजना के मौजूदा स्वरूप, सरकारी खर्च और इसके दीर्घकालीन वित्तीय प्रभाव पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी सवाल रखा गया है कि जून 2023 से योजना पर खर्च के बाद महिलाओं की आय, रोजगार, स्वरोजगार, कौशल और आर्थिक आत्मनिर्भरता में कितना स्थायी बदलाव आया है।
23,882 करोड़ रुपये के बजट का मुद्दा
वित्त वर्ष 2026-27 के मध्य प्रदेश बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए करीब 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट दस्तावेजों और रिपोर्टों के अनुसार योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।
योजना के खर्च का पूरा ब्यौरा मांगा गया
याचिका में जून 2023 से अब तक योजना पर हुए खर्च, लाभार्थियों की संख्या, भुगतान और सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय भार से संबंधित जानकारी अदालत के सामने रखने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने भी सरकार से योजना के लाभार्थियों और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है।
मासिक सहायता राशि को लेकर भी सवाल
योजना के तहत पात्र महिलाओं को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। योजना की शुरुआत जून 2023 में 1,000 रुपये की मासिक सहायता से हुई थी, जिसे बाद में 1,250 रुपये और फिर 1,500 रुपये किया गया। याचिका में सहायता राशि बढ़ाने के वित्तीय आधार और भविष्य के खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।







