छात्रों ने प्रदर्शन पर दी सफाई
IIT बॉम्बे के छात्र प्रतिनिधियों ने बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। छात्रों ने कहा कि वे नकल या किसी भी तरह के अकादमिक नियमों के उल्लंघन का समर्थन नहीं करते हैं।
संस्थागत सुधार था प्रदर्शन का उद्देश्य
छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक उनका प्रदर्शन अकादमिक अनुशासन को सही ठहराने के लिए नहीं था। उनका कहना है कि साहिल की मौत के बाद संस्थान की व्यवस्थाओं, प्रक्रियाओं और छात्र कल्याण से जुड़े व्यापक मुद्दों पर सवाल उठाना तथा संस्थागत सुधार की मांग करना प्रदर्शन का उद्देश्य था।
प्रोफेसर डूला पर छात्रों का रुख
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को लेकर छात्रों ने कहा कि वे उन्हें दोषी नहीं मान रहे हैं और जांच पूरी होने तक निष्पक्ष प्रक्रिया का समर्थन करते हैं। छात्र प्रतिनिधियों ने खुद को प्रोफेसर के साथ संस्थान के फैकल्टी सदस्य के तौर पर खड़ा बताया है।
प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटाने की मांग
छात्रों की मांग थी कि जांच पूरी होने तक प्रोफेसर डूला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स की प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग रखा जाए। IIT बॉम्बे ने सोमवार को उन्हें इस पद की जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हालांकि, वे प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में बने हुए हैं।







