24 सितंबर 2026 को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की भागीदारी से जुड़ी मांगों को लेकर कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। यह गतिविधियां केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और जिलों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की खबरें सामने आई हैं। पूर्वी सिंहभूम में कार्यकर्ताओं ने सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में SC, ST, OBC, महिलाओं और अन्य वंचित समुदायों को उचित भागीदारी देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन की अनुमति नहीं
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'संपूर्ण भागीदारी आंदोलन' आयोजित करने की योजना थी। आंदोलन में महिला आरक्षण, आरक्षण व्यवस्था और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व समेत कई मुद्दे उठाए जाने थे। हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के बजाय अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन और ज्ञापन देने का रास्ता अपनाया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 24 सितंबर को लोक निवास के आसपास प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की एडवाइजरी जारी की।
24 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन
भीम आर्मी एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी से जुड़े संगठनों ने कई स्थानों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। सिरमौर में दिए गए 24 सूत्रीय ज्ञापन में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के भीतर कोटा, सरकारी सेवाओं में आरक्षण के प्रावधानों का पालन और बैकलॉग पदों को भरने जैसी मांगें रखी गईं। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति और प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। ये मांगें संबंधित संगठनों की ओर से रखी गई हैं और इन्हें सरकारी नीति या निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।







