Home अध्यात्म Pitru Paksha Begins: पूर्णिमा श्राद्ध पर जलाएं 16 दीपक, जानें धार्मिक मान्यता

Pitru Paksha Begins: पूर्णिमा श्राद्ध पर जलाएं 16 दीपक, जानें धार्मिक मान्यता

पूर्णिमा श्राद्ध से पितृपक्ष का क्रम
26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर पूर्णिमा श्राद्ध मनाया जा रहा है। इसके अगले दिन 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ मुख्य पितृपक्ष की श्राद्ध तिथियों का क्रम शुरू होगा। धार्मिक परंपराओं में इस अवधि को पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और श्रद्धा से जुड़े कर्मों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

पूर्णिमा श्राद्ध पर 16 दीपक जलाने की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा श्राद्ध की शाम पितरों के निमित्त 16 दीपक जलाने की परंपरा बताई जाती है। 16 दीपकों को पितृपक्ष की श्राद्ध तिथियों और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा से जोड़कर देखा जाता है। यदि 16 दीपक जलाना संभव न हो तो श्रद्धा और सुविधा के अनुसार दीपदान करने की मान्यता भी बताई गई है।

 

दक्षिण दिशा में दीपक रखने की परंपरा
धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा को पितरों से संबंधित दिशा माना जाता है। इसलिए कई परंपराओं में पितरों के निमित्त दीपक दक्षिण दिशा में रखने की बात कही गई है। तर्पण से जुड़ी धार्मिक विधियों में भी दक्षिण दिशा की ओर मुख करने का उल्लेख मिलता है।