अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें औद्योगिक स्तर पर कई तरह की प्रोसेसिंग, एडिटिव्स और अन्य घटकों का इस्तेमाल होता है, स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चा में हैं। 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में हालिया अध्ययन के हवाले से बताया गया कि रोजाना अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की मात्रा में हर अतिरिक्त 100 ग्राम बढ़ोतरी कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं के 14 प्रतिशत अधिक जोखिम से जुड़ी पाई गई। अध्ययन में यह संबंध लंबे समय के स्वास्थ्य परिणामों के संदर्भ में देखा गया है।
14 प्रतिशत जोखिम को कैसे समझें
इस आंकड़े का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति एक दिन में 100 ग्राम अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाता है तो उसे तुरंत दिल की बीमारी होने का 14 प्रतिशत खतरा हो जाएगा। यह आंकड़ा आबादी में भोजन की मात्रा और बीमारी के जोखिम के बीच पाए गए सांख्यिकीय संबंध को दर्शाता है। इसलिए इसे व्यक्तिगत व्यक्ति के लिए निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। विशेषज्ञ भी ऐसे अध्ययनों के परिणामों को पूरे आहार और जीवनशैली के संदर्भ में देखने की सलाह देते हैं।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में क्या शामिल हो सकता है
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की श्रेणी में कई तरह के पैकेज्ड और औद्योगिक रूप से तैयार उत्पाद आ सकते हैं। इनमें कुछ पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय, इंस्टेंट और रेडी-टू-ईट उत्पाद, प्रोसेस्ड मीट तथा ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं जिनमें कई औद्योगिक सामग्री और एडिटिव्स होते हैं। हालांकि हर पैकेज्ड या प्रोसेस्ड भोजन अपने आप अल्ट्रा प्रोसेस्ड नहीं होता। इसकी पहचान आमतौर पर NOVA जैसी खाद्य-वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर की जाती है।







