विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय सामान्य वाद-विवाद में भारत का पक्ष रखेंगे। भारत के लिए यह संबोधन वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद, बहुपक्षीय व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के अनुसार 81वें सत्र में भारत आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रमुखता देने की तैयारी में है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्राथमिकता
भारत के आधिकारिक प्राथमिकता दस्तावेज में आतंकवाद को 81वें UNGA सत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों की स्पष्ट निंदा, आतंकवादियों और उनके वित्तपोषकों के खिलाफ कार्रवाई तथा आतंकवाद से जुड़े मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात रखेगा। दस्तावेज में आतंकवाद के लिए नई और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
आतंक के वित्तपोषण और आतंकी यात्रा पर फोकस
भारत UN में आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और आतंकियों की सीमा-पार आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के मुद्दे को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है। भारत संयुक्त राष्ट्र के Office of Counter-Terrorism के साथ क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग करता रहा है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक ढांचे को मजबूत करने और आतंकवाद के पीड़ितों के अधिकारों पर भी जोर देगा।







