प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM योगी से शिकायत
वृंदावन के श्री राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़े विवाद को लेकर फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा की मांग की है। पत्र में उन्होंने आश्रम के भीतर कथित तौर पर दो गुट सक्रिय होने का दावा किया है और प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा होने की आशंका जताई है। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
बेलवन आश्रम क्यों गए प्रेमानंद महाराज?
फलाहारी महाराज का दावा है कि केलि कुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोगों और कथित तौर पर प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े संतों को लेकर प्रेमानंद महाराज नाराज थे। शिकायत में कहा गया है कि इसी विवाद के बीच प्रेमानंद महाराज कई तपस्वी संतों के साथ बेलवन आश्रम चले गए। हालांकि महाराज के वहां जाने के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आश्रम में दो गुट होने का दावा
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम के भीतर दो गुट होने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, एक तरफ वास्तविक संतों का समूह है, जबकि दूसरे समूह में ऐसे लोग शामिल हैं जिन पर उन्होंने संपत्ति कारोबार और अन्य गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग प्रेमानंद महाराज की छवि का इस्तेमाल कर कई आश्रम संचालित कर रहे हैं। इन दावों की पुष्टि संबंधित पक्षों या किसी आधिकारिक जांच से होना अभी बाकी है।
बच्चों के गायब होने को लेकर भी लगाए आरोप
शिकायत में केलि कुंज आश्रम से बच्चों के गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। फलाहारी महाराज ने आशंका जताई कि बच्चों को कथित तौर पर आपराधिक गिरोह निशाना बना सकते हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इन गंभीर आरोपों पर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।
अनुज चौधरी के मामले में पुलिस ने क्या बताया
इसी विवाद के बीच 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिवार ने भी वृंदावन के श्री राधा केलि कुंज आश्रम के पास धरना दिया था। परिवार का आरोप था कि करीब तीन महीने से अनुज के बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम अनुज बरसाना के एक आश्रम में मिल गया, जो वृंदावन से करीब 45 किलोमीटर दूर बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह वहीं रह रहा था।
जांच और सुरक्षा की मांग
फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। विवाद में सामने आए आरोप गंभीर हैं, लेकिन अभी तक इन्हें आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यदि प्रशासन की ओर से जांच शुरू होती है तो उसके निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।







