शिवा शर्मा की मौत पर श्रद्धा दुबे ने रखा अपना पक्ष
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया है कि शिवा पर करीब 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था और वह इसे चुकाने को लेकर परेशान रहता था। श्रद्धा ने अपनी ओर से घटना को आत्महत्या बताते हुए कहा कि उसका शिवा की मौत से कोई लेना-देना नहीं है। उसने मीडिया से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले उसके खिलाफ हत्या से जुड़े आरोपों को तथ्य की तरह पेश न किया जाए। हालांकि, ये श्रद्धा के दावे हैं और मामले की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
कर्ज को लेकर परेशान रहने का किया दावा
श्रद्धा के मुताबिक, शिवा को कर्ज देने वालों के फोन आते रहते थे और वह आर्थिक दबाव में था। उसने दावा किया कि शिवा उससे कर्ज न चुका पाने की स्थिति में आत्महत्या करने की बात करता था। श्रद्धा ने कहा कि उस समय उसने इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया था। उसने यह भी बताया कि शिवा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की जांच से संबंधित जानकारी सामने आ सकती है। श्रद्धा के अनुसार, उसके पास कुछ स्क्रीनशॉट भी हैं, जिन्हें वह सार्वजनिक करने की बात कह रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
घटना वाले दिन को लेकर श्रद्धा का बयान
श्रद्धा ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले उसकी और शिवा की बातचीत बंद थी। उसके दावे के अनुसार, 7 तारीख को शिवा ने एक परिचित चायवाले के माध्यम से उसके ड्राइवर से संपर्क किया और बाद में रात में उससे बात हुई। श्रद्धा ने कहा कि इसके बाद शिवा उससे मिलने पहुंचा और दोनों कैफे गए, फिर घर लौटे। उसने दावा किया कि 9 तारीख की सुबह शिवा वॉशरूम जाने के लिए अंदर गया और दरवाजा बंद कर लिया। श्रद्धा के मुताबिक, उसे इस बात पर शक हुआ और उसने अपनी बहन को देखने के लिए कहा, लेकिन तब तक शिवा बालकनी से नीचे गिर चुका था। श्रद्धा ने घटना के समय की स्थिति स्पष्ट करने के लिए CCTV फुटेज की जांच की मांग की है।
रिश्ते और परिवार के आरोपों पर दी सफाई
श्रद्धा के मुताबिक, वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी और दोनों पिछले दो महीने से रिलेशनशिप में थे। उसने शिवा की मां की ओर से लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि घटना के बाद से वह खुद भी मानसिक रूप से परेशान है। श्रद्धा ने अपनी बहन का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उसने यह सवाल भी उठाया कि यदि शिवा के साथ किसी तरह का उत्पीड़न हुआ था, तो उसके दोस्तों ने इसकी जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी। ये सभी बातें श्रद्धा के बयान पर आधारित हैं; संबंधित लोगों के पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV और कॉल डिटेल्स की जांच अहम
श्रद्धा ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि पूरी जानकारी सामने आने से पहले ही उसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। दूसरी ओर, शिवा की मौत को लेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की सच्चाई का आकलन जांच एजेंसियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है। फिलहाल, घटना की परिस्थितियों और मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस जांच की स्थिति जानना महत्वपूर्ण है।
श्रद्धा ने मीडिया से की अपील
अपने बयान के अंत में श्रद्धा ने कहा कि शिवा की मौत से वह भी दुखी है और लगातार आरोप लगाए जाने से उसे परेशानी हो रही है। उसने मीडिया से अपील की कि अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में न फैलाया जाए। बयान के दौरान उसने अपनी सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। किसी भी व्यक्ति की ओर से कही गई बातों की पुष्टि जांच के जरिए होना आवश्यक है, इसलिए मामले में सभी पक्षों के दावों और उपलब्ध सबूतों को ध्यान में रखकर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।







