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India US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, रुबियो का बड़ा बयान

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उनके मुताबिक, समझौते से जुड़े कुछ मुद्दों पर काम बाकी है और दोनों पक्ष उन्हें सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रुबियो ने जल्द अच्छी खबर मिलने की उम्मीद जताई, हालांकि समझौते की औपचारिक घोषणा और हस्ताक्षर की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

 

एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान अहम मुद्दों पर चर्चा
भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों और व्यापार समझौते सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर भी ध्यान केंद्रित रहा।

 

वेनेजुएला के तेल में भारत की भूमिका पर रुबियो का बयान
रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत भारी कच्चे तेल को परिष्कृत करने की क्षमता रखता है। उनके अनुसार, वेनेजुएला के तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होने पर भारत अपनी रिफाइनिंग क्षमता के जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में योगदान दे सकता है। हालांकि, तेल उत्पादन बढ़ने से बाजार में आपूर्ति की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है, लेकिन इससे पूरी कमी दूर होने की गारंटी नहीं है।

 

तेल कारोबार में प्रतिबंधों की बाधा भी अहम
अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, भारत वेनेजुएला के तेल से जुड़ी संभावनाओं में रुचि रखता दिखाई देता है, लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़े नियमों को ध्यान में रखना होगा। ऐसे कारोबार की व्यवहार्यता प्रतिबंधों, भुगतान व्यवस्था और संबंधित देशों की नीतियों पर निर्भर करेगी। इस विषय पर आगे की स्थिति संबंधित निर्णयों और आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।

 

रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले पर समर्थन
रुबियो ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले को व्यावहारिक बताया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक बाजार में तेल आपूर्ति के संतुलन को समझता है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए विभिन्न स्रोतों से तेल खरीदता रहा है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत वैश्विक ऊर्जा बाजार और द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

औपचारिक घोषणा का इंतजार
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए अहम हो सकता है। हालांकि, समझौते की शर्तें, किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा और इसे कब लागू किया जाएगा, इस बारे में अंतिम जानकारी औपचारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल रुबियो का बयान वार्ता में प्रगति का संकेत देता है, लेकिन समझौते को अंतिम रूप दिया जाना और उस पर हस्ताक्षर होना अलग-अलग चरण हैं।