मुंद्रा पोर्ट ने 200.7 MMT कार्गो संभालकर बनाया रिकॉर्ड
गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा पोर्ट ने वित्त वर्ष 2024-25 में 200.7 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभालकर नया रिकॉर्ड बनाया। यह भारत का पहला बंदरगाह बना जिसने एक वित्त वर्ष में 200 MMT का आंकड़ा पार किया। देश के समुद्री व्यापार में इस बंदरगाह की अहम भूमिका है, क्योंकि भारत का बड़ा हिस्सा विदेशी व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। मुंद्रा पोर्ट की बढ़ती कार्गो क्षमता ने इसे देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शामिल किया है।
अदाणी ग्रुप करता है बंदरगाह का संचालन
मुंद्रा पोर्ट का संचालन अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) करती है। इसकी शुरुआत 1998 में गुजरात अदाणी पोर्ट लिमिटेड के रूप में हुई थी और वर्ष 2001 में इसने कामकाज शुरू किया। भारत के पश्चिमी तट पर इसकी स्थिति इसे मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के व्यापारिक मार्गों से जोड़ती है। यहां आयातित कच्चे माल और अन्य उत्पादों की आवाजाही के साथ भारतीय सामान को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है।
कंटेनर से कच्चे तेल तक कई तरह के माल की ढुलाई
मुंद्रा पोर्ट पर कंटेनर, कोयला, कच्चा तेल, उर्वरक, खाद्य तेल और कृषि उत्पादों सहित कई प्रकार के माल का प्रबंधन किया जाता है। इसकी सुविधाएं औद्योगिक कंपनियों, कृषि कारोबार और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण हैं। बंदरगाह के जरिए माल की आवाजाही से परिवहन, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलता है। बेहतर कनेक्टिविटी और कुशल माल प्रबंधन से कंपनियों को आपूर्ति श्रृंखला की लागत और समय नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
264 MMT क्षमता, रोजगार और व्यापार में अहम योगदान
अदाणी पोर्ट्स की वित्त वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, मुंद्रा पोर्ट ने पिछले वित्त वर्ष के 179.6 MMT के मुकाबले 200.7 MMT कार्गो संभाला, जो लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि है। रिपोर्ट में इसकी स्थापित सालाना क्षमता 264 MMT बताई गई है। बंदरगाह पर कंटेनर हैंडलिंग का आंकड़ा भी लगभग 85 लाख TEU दर्ज किया गया। इसकी गतिविधियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार, औद्योगिक आपूर्ति और निर्यात-आयात से जुड़े कारोबारों को सहारा देती हैं। इस तरह मुंद्रा पोर्ट भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स ढांचे का एक प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।







