Home कारोबार Jio Platforms IPO: जियो IPO ने रचा इतिहास, मिले 1.39 करोड़ आवेदन

Jio Platforms IPO: जियो IPO ने रचा इतिहास, मिले 1.39 करोड़ आवेदन

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (IPO) ने निवेशकों की भागीदारी के मामले में नया इतिहास रच दिया है। 23 अक्टूबर 2026 को बंद हुए इस आईपीओ के लिए करीब 1.39 करोड़ आवेदन मिले। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ दुनिया में एक करोड़ से ज्यादा आवेदन पाने वाला पहला आईपीओ बन गया। इसने वारी एनर्जीज के करीब 97 लाख आवेदनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

₹30,213 करोड़ का है जियो प्लेटफॉर्म्स IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ का आकार करीब ₹30,213 करोड़ रखा गया था। कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया था। आईपीओ पूरी तरह नए शेयर जारी करने के लिए लाया गया, यानी इसके तहत कंपनी ने 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना रखी। इस प्रक्रिया से मिलने वाली रकम कंपनी के कारोबार और वित्तीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

 

निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। शुरुआती कारोबारी दिन में ही इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। 23 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

इसमें योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) की श्रेणी को 70.55 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी को 14 गुना और खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इससे पता चलता है कि बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ आम निवेशकों ने भी इस आईपीओ में रुचि दिखाई।

 

वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड टूटा
अब तक बड़ी संख्या में आवेदन पाने वाले आईपीओ में वारी एनर्जीज का नाम प्रमुख था। अक्टूबर 2024 में आए इस आईपीओ को करीब 97.34 लाख आवेदन मिले थे। इसके अलावा बजाज हाउसिंग फाइनेंस और भारत कोकिंग कोल (BCCL) के आईपीओ को भी लगभग 90 लाख आवेदनों के स्तर पर मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने आवेदन संख्या में इन सभी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना भारतीय शेयर बाजार में खुदरा और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है।

 

IPO से मिलने वाली रकम का क्या होगा?
कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज का भुगतान करने में इस्तेमाल करने की है। इसके लिए करीब ₹27,500 करोड़ तक खर्च किए जाने की योजना बताई गई है। बाकी रकम का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च, तकनीकी विकास, डिजिटल सेवाओं और कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए किया जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सेवाओं और तकनीकी समाधानों जैसे क्षेत्रों में भी अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है।

 

कब होगी शेयरों की लिस्टिंग?
आईपीओ की बोली प्रक्रिया 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जबकि बीएसई और एनएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। निवेशकों की नजर अब शेयर आवंटन और बाजार में कंपनी के पहले कारोबारी दिन पर रहेगी।

 

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आईपीओ में रिकॉर्ड संख्या में आवेदन मिलना कंपनी के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इससे लिस्टिंग के दिन मुनाफा होने की गारंटी नहीं मिलती। शेयर की कीमत बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की मांग के आधार पर ऊपर या नीचे जा सकती है। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को समझना जरूरी है।