Home कारोबार Aluminium Competition: अडानी-अंबानी की एंट्री पर अनिल अग्रवाल का बड़ा बयान

Aluminium Competition: अडानी-अंबानी की एंट्री पर अनिल अग्रवाल का बड़ा बयान

एल्युमिनियम सेक्टर में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एल्युमिनियम सेक्टर में अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज की संभावित एंट्री का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों के आने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कंपनियों पर अपनी दक्षता बढ़ाने तथा लागत कम करने का दबाव बनेगा। अग्रवाल के मुताबिक, लंबे समय में सेक्टर में ज्यादा कंपनियों की मौजूदगी से मर्जर और अधिग्रहण के अवसर भी बन सकते हैं।

 

अडानी का ओडिशा में बड़ा एल्युमिनियम प्रोजेक्ट
एल्युमिनियम क्षेत्र में अडानी ग्रुप की एंट्री की दिशा में ओडिशा में बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। अडानी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ने करीब 11.5 अरब डॉलर के एकीकृत एल्युमिनियम प्रोजेक्ट की योजना घोषित की है। इसमें सालाना 40 लाख टन एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन एल्युमिनियम स्मेल्टर और 10 लाख टन डाउनस्ट्रीम उत्पादों की क्षमता शामिल है। यह परियोजना ओडिशा में एल्युमिनियम उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार के विस्तार को बढ़ावा देने वाली बड़ी औद्योगिक पहल के रूप में सामने आई है।

 

रिलायंस की भी बॉक्साइट कारोबार में दिलचस्पी
रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से ओडिशा के कारलापट बॉक्साइट ब्लॉक के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदे जाने को कंपनी की एल्युमिनियम और बॉक्साइट क्षेत्र में संभावित रुचि के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में अडानी और रिलायंस जैसे बड़े कारोबारी समूहों की संभावित गतिविधियों के बीच देश के एल्युमिनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ सकता है। वहीं वर्तमान में वेदांता, हिंडालको इंडस्ट्रीज और सरकारी कंपनी नाल्को देश के प्रमुख प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हैं।

 

वेदांता का भी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
नए खिलाड़ियों की संभावित एंट्री के बीच वेदांता अपने एल्युमिनियम कारोबार के विस्तार पर भी काम कर रही है। अनिल अग्रवाल के अनुसार कंपनी अगले तीन वर्षों में एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता को करीब 60 लाख टन तक ले जाने और लंबी अवधि में इसे 1 करोड़ टन तक बढ़ाने की योजना बना रही है। अग्रवाल ने संकेत दिया कि भविष्य में उद्योग में वही कंपनियां टिकेंगी जो उत्पादन क्षमता, लागत और संचालन के स्तर पर अधिक दक्षता हासिल कर पाएंगी।

 

वेदांता करेगी 25 अरब डॉलर का निवेश
एल्युमिनियम के अलावा वेदांता समूह ने अगले तीन से पांच वर्षों में अपने विभिन्न कारोबारों में करीब 25 अरब डॉलर निवेश की योजना भी बताई है। यह निवेश एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, जिंक, स्टील और पावर सहित कई क्षेत्रों में किया जाना है। कंपनी के विस्तार कार्यक्रम में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ संसाधनों और कारोबार को मजबूत करने पर जोर है। एल्युमिनियम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच वेदांता का यह विस्तार कार्यक्रम उद्योग में आगे होने वाले बड़े निवेश और क्षमता विस्तार की तस्वीर को भी सामने रखता है।