12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच को लेकर अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एड पियर्सन ने सवाल उठाए हैं। बोइंग के पूर्व व्हिसलब्लोअर पियर्सन ने AAIB को पत्र लिखकर जांच में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने विमान से जुड़े ACARS और AHM डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। पियर्सन का कहना है कि इन डेटा से विमान के तकनीकी और सिस्टम संबंधी घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर कोई अंतरिम सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है। हालांकि AAIB की जांच अभी जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
ACARS और AHM डेटा सार्वजनिक करने की मांग
एड पियर्सन ने AAIB से हादसे से जुड़े ACARS और AHM डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की है। ACARS विमान और ग्राउंड सिस्टम के बीच महत्वपूर्ण परिचालन संदेशों के आदान-प्रदान से जुड़ा सिस्टम है, जबकि AHM विमान के स्वास्थ्य और तकनीकी स्थिति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराता है। पियर्सन का तर्क है कि इन रिकॉर्ड्स से हादसे से पहले विमान में दर्ज तकनीकी घटनाओं और सिस्टम संदेशों की बेहतर तस्वीर सामने आ सकती है। उनकी मांग फिलहाल एक स्वतंत्र विमानन सुरक्षा समूह की ओर से उठाया गया सवाल है। इसे AAIB द्वारा किसी तकनीकी निष्कर्ष की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। AI-171 की अंतिम जांच रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।
तकनीकी खराबियों और सुरक्षा चेतावनी पर सवाल
पियर्सन ने अपने पत्र में विमान से जुड़े तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक डेटा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि यदि जांच के दौरान ऐसे डेटा सामने आते हैं जिनसे किसी संभावित सुरक्षा जोखिम का संकेत मिलता है, तो क्या ऑपरेटरों के लिए अंतरिम सुरक्षा सिफारिश जारी की गई है। यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विमान हादसे की जांच का उद्देश्य भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा संबंधी सीख हासिल करना होता है। AAIB ने जून 2026 में कहा था कि जांच में तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। एजेंसी ने यह भी कहा कि अंतिम रिपोर्ट सभी जांच गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय समीक्षा के बाद जारी की जाएगी।







