Home भारत EPFO Wage Limit Raised to ₹25,000: EPFO ने वेतन सीमा 25 हज़ार तक...

EPFO Wage Limit Raised to ₹25,000: EPFO ने वेतन सीमा 25 हज़ार तक बढ़ाई, लाखों कर्मचारियों को मिलेगा नया सुरक्षा कवरेज

EPFO वेतन सीमा 25 हजार हुई
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ है। सरकार के अनुसार, इससे देशभर में 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकते हैं और उन्हें PF, पेंशन तथा बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

 

PF योगदान में बदलाव
नई सीमा लागू होने के बाद 15 हजार से 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले नए पात्र कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में आएंगे। उदाहरण के तौर पर 25 हजार रुपये की सीमा पर 12 प्रतिशत योगदान की गणना की जाए तो कर्मचारी का हिस्सा 3,000 रुपये तक हो सकता है। हालांकि, जिन कर्मचारियों के लिए पहले से वास्तविक वेतन पर PF योगदान किया जा रहा है, उनके योगदान में जरूरी नहीं कि इसी अनुपात में बदलाव हो।

 

लखनऊ में 50 हजार का असर
लखनऊ मंडल से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, नई सीमा के कारण 50 हजार से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के PF दायरे में आने की संभावना है। लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और बाराबंकी समेत संबंधित जिलों में फिलहाल करीब 5.35 लाख कर्मचारियों के PF योगदान की जानकारी दी गई है। नई व्यवस्था के बाद यह संख्या करीब 50 हजार और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

 

पेंशन पर भी असर
नई वेतन सीमा का असर कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS से जुड़े कवरेज और पेंशन निर्धारण पर भी पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक पेंशन की गणना संबंधित नियमों के तहत पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सेवा अवधि को ध्यान में रखकर की जाती है। इसलिए हर कर्मचारी की पेंशन पर प्रभाव उसकी सेवा और योगदान की स्थिति के अनुसार अलग हो सकता है।

 

वेतन सीमा का इतिहास
EPFO की वेतन सीमा में पिछली बड़ी बढ़ोतरी सितंबर 2014 में हुई थी, जब इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया था। अब करीब 12 साल बाद इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नई सीमा 15 सितंबर 2014 के बाद पहली बड़ी संशोधित सीमा है।

 

पेंशन की गणना कैसे होगी
पेंशन का निर्धारण केवल नई 25 हजार रुपये की सीमा देखकर नहीं किया जाएगा। संबंधित अवधि में लागू पेंशन योग्य वेतन और कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा अवधि को नियमों के अनुसार ध्यान में रखा जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी ने अलग-अलग अवधि में अलग वेतन सीमा के तहत सेवा की है, तो उन अवधियों के लागू नियमों के आधार पर पेंशन योग्य वेतन और सेवा अवधि का आकलन किया जाएगा।