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UP NEET UG Round 1 counselling revised: हाई कोर्ट के फैसले के बाद UP में NEET काउंसलिंग में नया मोड़

उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 के तहत MBBS और BDS में दाखिले की काउंसलिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट से जुड़े आरक्षण विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय यानी DGME ने राउंड-1 की काउंसलिंग प्रक्रिया को संशोधित किया है। आधिकारिक UP NEET पोर्टल पर राउंड-1 के लिए संशोधित सीट मैट्रिक्स, संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट और नया टाइमटेबल जारी किया गया है। चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों के आरक्षण से जुड़ा विवाद इस मामले के केंद्र में रहा। हाई कोर्ट के रिकॉर्ड में अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीट मैट्रिक्स में आरक्षण से संबंधित चुनौती दर्ज है।

चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों का आरक्षण विवाद
मामला उत्तर प्रदेश के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में राज्य कोटे की MBBS सीटों के आरक्षण से जुड़ा था। हाई कोर्ट के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के मेडिकल कॉलेजों की सीट मैट्रिक्स को लेकर अदालत में सवाल उठाए गए थे। अदालत के रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि इन संस्थानों में आरक्षण के लिए जारी सीट मैट्रिक्स को चुनौती दी गई थी। इसी विवाद के चलते NEET UG काउंसलिंग में सीटों के आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके बाद आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर संशोधित सीट मैट्रिक्स और संशोधित मेरिट सूची जारी की गई। इससे इन कॉलेजों में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे उम्मीदवारों को अपनी चॉइस दोबारा भरने की जरूरत पड़ी।

अब नए सिरे से करनी होगी चॉइस फिलिंग
संशोधित काउंसलिंग प्रक्रिया में उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स की चॉइस दोबारा भरनी होगी। UP NEET की आधिकारिक वेबसाइट पर UG 2026 के लिए Choice Filling का अलग ऑनलाइन सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। उम्मीदवारों को अपने लॉगिन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी होगी और चॉइस को निर्धारित समय सीमा के भीतर लॉक करना होगा। नई सीट मैट्रिक्स के आधार पर उम्मीदवारों को उपलब्ध सीटों और कॉलेजों की स्थिति देखकर अपनी प्राथमिकताएं तय करनी होंगी। आधिकारिक पोर्टल पर उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग, रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग और सीट आवंटन से जुड़े अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए उम्मीदवारों को किसी पुराने अलॉटमेंट या पुरानी चॉइस पर निर्भर रहने के बजाय संशोधित नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।