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Kumaraswamy Demands Sting Probe: स्टिंग ऑपरेशन के दावे पर कुमारस्वामी ने शिवकुमार को घेरा

स्टिंग ऑपरेशन के बयान पर कर्नाटक में सियासी विवाद
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को अपने मंत्रियों को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी थी, तो अब तक जांच शुरू क्यों नहीं की गई।

 

कुमारस्वामी ने बैठक को लेकर उठाए सवाल
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के एक पांच सितारा होटल में कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े एक व्यक्ति के साथ लंबी बैठक की थी। उन्होंने संबंधित व्यक्ति की पहचान और बैठक के उद्देश्य को सार्वजनिक करने की मांग की। कुमारस्वामी के अनुसार, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कथित अभियान के पीछे कौन लोग थे और उसका मकसद क्या था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, समय देगा जवाब
कुमारस्वामी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने मैसूर में कहा कि समय इन सभी सवालों का जवाब देगा। शिवकुमार पहले भी दावा कर चुके हैं कि उन्हें उन लोगों की जानकारी है, जो उनके और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में जांच के आदेश या किसी औपचारिक कार्रवाई की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

 

पांच मंत्रियों को निशाना बनाने का दावा
कुमारस्वामी ने सवाल किया कि यदि पांच कैबिनेट मंत्रियों को कथित स्टिंग ऑपरेशन के जरिए निशाना बनाया गया था, तो सरकार ने अब तक इसकी जांच क्यों नहीं कराई। उन्होंने कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों के माध्यम से यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित अभियान किसने चलाया, किन लोगों को निशाना बनाया गया और इसके लिए धन कहां से आया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास विश्वसनीय जानकारी थी, तो संबंधित मंत्रियों को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई।

 

सिद्धारमैया के बयान का भी किया जिक्र
कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन किए जाने की जानकारी होने की बात कही गई थी। उन्होंने मांग की कि केवल बयान देने के बजाय तथ्यों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू की जाए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मीडिया से जुड़े होने की आड़ में काम करने वाले एक व्यक्ति को संरक्षण दिया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से पुष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

 

भाजपा ने भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग की
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी मुख्यमंत्री से कथित स्टिंग ऑपरेशन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और जांच का आदेश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों के खिलाफ ऐसी गतिविधियों की जानकारी है, तो उन्हें संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। अशोक ने सवाल उठाया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया, इसमें कितना पैसा खर्च हुआ और इसके पीछे राज्य के लोगों का हाथ था या बाहरी लोगों का।

 

जांच की मांग के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
कुमारस्वामी और भाजपा नेताओं की मांग है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े आरोपों की जांच कराई जाए, ताकि संबंधित लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा है कि उन्हें कथित गतिविधियों के पीछे मौजूद लोगों की जानकारी है। फिलहाल यह विवाद आरोपों और राजनीतिक बयानों के बीच जारी है। मामले में जांच की स्थिति और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।